राजेश कुमावत, indireporter.com
देश की सीमाओं पर सुरक्षा करेंगे रोबोटिक डॉग
पहाड़ से लेकर पानी तक में काम करेंगे; 10 किमी दूर से ऑपरेट किए जा सकते हैं
पोकरण स्थित फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय सेना के जवानों ने रोबोटिक डॉग के साथ अभ्यास किया।
रोबोटिक डॉग किसी भी ऊंचे पहाड़, जंगल, रेत के टिले, समुद्र में पानी की गहराई तक जाकर काम करने में सक्षम हैं। इन्हें 10 किमी दूर बैठकर भी ऑपरेट किया जा सकता है।
एक घंटे चार्ज करने के बाद ये लगातार 10 घंटे तक काम कर सकते हैं। जैसलमेर के पोकरण फायरिंग रेंज में रोबोटिक डॉग ने भारतीय सेना की बैटल एक्स डिवीजन के साथ अभ्यास किया है।
रोबोटिक डॉग की डिजाइन ऐसी है कि ये रेगिस्तान, बर्फ, ऊबड़-खाबड़ जमीन, पहाड़ी इलाकों में भी आसानी से काम करेगा।
भारतीय सेना ने इस रोबोटिक डॉग के साथ दुश्मन को खोजने और उसे खत्म करने का अभ्यास किया है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सहायता और परिवहन में सुधार के लिए लॉजिस्टिक्स ड्रोन का परीक्षण किया जा रहा है। भारतीय सेना ने बॉर्डर से लगे इलाकों में उपयोग के लिए 100 रोबोटिक डॉग को शामिल किया है।
रोबोटिक डॉग्स थर्मल कैमरों और रडार से लैस हैं, रोबोटिक डॉग जवानों को किसी भी नुकसान से बचाते हुए दुश्मन के ठिकानों पर गोलीबारी करने में भी सक्षम है। रोबोटिक डॉग्स सेंसर्स के माध्यम से काम करते हैं। इनमें एक रिमोट कंट्रोल यूनिट होती है, जिससे इनको मॉनिटर किया जाता है। रोबोटिक डॉग्स जरूरी सामान की सेना तक आपूर्ति करेंगे। इन रोबोटिक डॉग्स में हाई रिजॉल्यूशन वाले कैमरे और सेंसर लगे हैं, जो छुपे हुए दुश्मन को भी खोज निकालेंगे। रियल टाइम डाटा देंगे। इनके जरिए सेना दुश्मन की हरकतों पर नजर रखेगी।
