राजेश कुमावतi, ndireporter.com
कांग्रेस के नेता राहुल गांधी के कहने पर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस ने त्योहार के दिन जयपुर पुलिस कमिश्नर कर्यालय पर 3 दिन जमकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं को पुलिस से पिटवाया, और अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा अपनी टांग तुड़वाकर खाली हाथ आंदोलन खत्म कर घर को लिए लौट गए!
जयपुर। कांग्रेस की नेता रितु बराला एवं दिल्ली पुलिस की कस्टेबल के बीच हुई हथापाई और मारपीट के अपराध की प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने को लेकर कांग्रेस पार्टी द्वारा पुलिस कमिश्नरेट जयपुर पर दिया जा रहा धरना तथा कमिश्नरेट के बाहर चलाए जा रहे आंदोलन को पुलिस कमीश्नर जयपुर द्वारा राजस्थान में प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने का क्षेत्राधिकार कानूनी रूप से प्राप्त नहीं होने का लिखित में देने पर समाप्त कर दिया गया है, तथा कानून की गलत व्याख्या करते हुए प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने से इनकार करने की सजा दिलाने व रितु बराला को न्याय दिलाने हेतु माननीय उच्चतम न्यायालय के समक्ष जाने का का निर्णय लिया गया है।
प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने उपस्थित मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि वह तथा कांग्रेस के समस्त नेता राजस्थान की बेटी को न्याय दिलाने के लिए दो दिन पूर्व कमिश्नरेट में रितु बराला के साथ हुई बर्बरता के अपराध की प्राथमिकी दर्ज करवाने आए थे, किन्तु कमिश्नरेट के अधिकारी इंतजार करने का कहकर बिना बात करें चले गये। दो दिन तक पुलिस कमिश्नरेट में कांग्रेस के नेता रात-दिन धरने पर बैठे रहे और कांग्रेस कार्यकर्ता बाहर आंदोलन कर रहे थे, किन्तु किसी अधिकारी ने बात तक नहीं की और आज पुलिस कमिश्नर की ओर से यह बताया गया कि भारतीय न्याय संहिता के तहत चंूकि दिल्ली में शिकायत का परिवाद दिया हुआ है इसलिए राजस्थान पुलिस को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 के 0 (FIR) दर्ज करने का कानूनी क्षेत्रधिकार प्राप्त नहीं है जो कि कानून की गलत व्याख्या है। वास्तविकता में रितु बराला की शिकायत पर ना दिल्ली और ना ही कहीं ओर प्राथमिकी दर्ज हुई है, ऐसे में राजस्थान पुलिस द्वारा दिल्ली सरकार और भाजपा नेताओं के दबाव में कानून की गलत व्याख्या करते हुए प्राथमिकी दर्ज करने का कानूनी क्षेत्राधिकार प्राप्त नहीं होने की बात लिखित में दे रही है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन द्वारा प्राथमिकी दर्ज नहीं कर कानून का उल्लंघन किया है और पूर्व में किसी अन्यत्र स्थान पर प्राथमिकी दर्ज नहीं होने के बावजूद 0 (FIR दर्ज करने का कानूनी क्षेत्राधिकार नहीं होने की बात कही गई, जो अपने आप में एक अपराध है, इस अपराध को करने के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध उन्हें सजा दिलाने के लिए तथा राजस्थान की बेटी को न्याय मिले इस हेतु कांग्रेस पार्टी राजस्थान उच्च न्यायालय के समक्ष जायेगी और कानून की गलत व्याख्या करने वाले अधिकारियों को सजा दिलाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
