राजेश कुमावत, indireporter.com
राजस्थान में इंडो-पाक सीमा की सुरक्षा को और सुदृढ़
किया जाए – मुख्य सचिव।
जयपुर मुख्य सचिव सुधांश पंत ने कहा कि भारत-पाक अन्तरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र में घुसपैठ और नशीले पदार्थों की तस्करी की सूचना सभी एजेन्सी द्वारा साझा की जाए और आपसी समन्वय स्थापित कर कार्यवाही की जाये। उन्होंने सीमावर्ती जिलों में ड्रोन के माध्यम से तस्करी को रोकने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम, डेटा विश्लेषण के लिए एआई उपकरण, और महत्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों की स्थापना के भी निर्देश दिये।
सुधांश पंत ने बैठक में मौजूद जिला अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सीमा सड़कों और भारतमाला-2 परियोजना सड़क पर सीसीटीवी कैमरों की स्थापना की जाए। उन्होंने मादक द्रव्यों की तस्करी, सिंथेटिक दवाओं का निर्माण, अवैध खनन, सौर और पवन ऊर्जा संयंत्रों में चोरी, औद्योगिकीकरण और रिफाइनरी के कारण आपराधिक गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिये।
पुलिस महानिदेशक इंटेलीजेंस संजय अग्रवाल ने अन्तरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र में घुसपैठ रोकने के लिए सुझाव देते हुए कहा कि अवैध प्रवासियों को भारतीय पहचान दस्तावेज जारी करने वाली नेटवर्कों की पहचान और उन्हें बाधित करने के लिए कार्रवाई की जानी चाहिये। उन्होंने सीमा बाड़ परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने तथा सीमावर्ती गांवों में पुलिस थानों को स्थानीय समुदायों से जोड़ने के प्रयास करने के लिए भी कहा। साइबर स्पेस में हानिकारक सामग्री की पहचान और उसे रोकने के लिए उपकरण विकसित किए जाएं। साथ ही अंतरराष्ट्रीय सीमा पर काम कर रही सभी एजेंसियों की क्षमता बढ़ाने के लिए कदम उठाए जाएं।
बैठक में पुलिस महानिदेशक उत्कल रंजन साहू, अतिरिक्त मुख्य सचिव वन विभाग अपर्णा अरोरा, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के शासन सचिव समित शर्मा, शासन सचिव, गृह विभाग रश्मि गुप्ता, संयुक्त शासन सचिव गृह विभाग श्रीमती अपर्णा गुप्ता के अतिरिक्त बीएसएफ के अधिकारी, एनसीबी जोनल डायरेक्टर तथा एनएचएआई के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, फलौदी, श्री गंगानगर, अनूपगढ़ के जिला कलक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं संबंधित जिला अधिकारियों ने वीसी के माध्यम से बैठक में हिस्सा लिया।
