दीपक शर्मा, indireporter.com
वार्ड 37 के रहवासियों ने शेल्टर हाउस की मांग पुरजोर तरीके से रखी, कुत्तों के विस्थापन की उठाई मांग
पाली। शहर के वार्ड नंबर 37 में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और गंदगी की समस्या को लेकर रहवासियों का आक्रोश एक बार फिर खुलकर सामने आया। वार्डवासियों ने नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र में शीघ्र शेल्टर हाउस (डॉग शेल्टर) की व्यवस्था करने की पुरजोर मांग की, ताकि आवारा कुत्तों को विस्थापित कर सुरक्षित स्थान पर रखा जा सके।
ज्ञापन में बताया गया कि लंबे समय से वार्ड में कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पूर्व में धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन देने के बाद निगम द्वारा कुछ कुत्तों को पकड़कर वैक्सीनेशन कर पुनः उसी क्षेत्र में छोड़ दिया गया, जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है। रहवासियों का कहना है कि केवल वैक्सीनेशन कर वापस छोड़ना स्थायी समाधान नहीं है।
वर्तमान स्थिति को गंभीर बताते हुए वार्डवासियों ने कहा कि बच्चों, महिलाओं एवं बुजुर्गों का घर से निकलना तक कठिन हो गया है। रात्रि में आवागमन अत्यंत जोखिमपूर्ण हो चुका है। सड़कों और मोहल्लों में गंदगी फैलने से वातावरण अस्वच्छ हो रहा है तथा धार्मिक स्थलों तक पह पहुंचनेेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रहवासियों ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि कुत्तों की संख्या नियंत्रित कर उन्हें अन्य उपयुक्त स्थान पर विस्थापित किया जाए तथा सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त शेल्टर हाउस का शीघ्र निर्माण कराया जाए। साथ ही क्षेत्र में नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग रखी गई है।
वार्डवासियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो वे पुनः आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
विकास बुबकिया के नेतृत्व में कई वार्डवासी साथ रहे जिसमें
आनंद गांधी, उगम लोढा, लाभ चंद,दीपक मेहता,गौरव चोपड़ा,अंकित sankhlecha, दौलत दागा,अरिहंत मुथा, आदित्य मुथा, आदित्य शालेचा, सुशील बोहरा, हेमंत बाफना, सुरेस धोखा, धर्मेश, गेमावत, विमल मुथा, महेन्द्र
