राजेश कुमावत, indireporter.com
राजस्थान भाजपा की सरकार में संघ प्रचारक की थाने में बेरहमी से पिटाई,
भाजपा सरकार में कानून व्यवस्था उठे सवाल; पुलिस बेलगाम
जयपुर। राजस्थान में भाजपा की सरकार होने के बावजूद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक को राजधानी के पास नरैना थाने में रात भर बेरहमी से पीटे जाने की घटना ने पुलिस प्रशासन और सरकार दोनों को कठघरे में खड़ा कर दिया है।
सांभर जिले के प्रचारक कृष्णावतार संगठनात्मक बैठक के लिए फुलेरा जा रहे थे। रात को शराब नशे चूर नरेना पुलिस ने उन्हें रोककर थाने ले गई, थाने में जब कृष्णावतार ने खुद को संघ का प्रचारक बताया तो थानाधिकारी उमराव सिंह और एएसआई ओंकार सिंह, ने कहा कि “हम अभी तेरी प्रचारी निकाल देते हैं” और उनके साथ पूरी रात नरेना थाने मेंमारपीट की।
शराबक नशे में सिपाही रमेशचंद, कुलदीप, महिपाल, विनोद और अजय भी शामिल रहे, पिटाई से गंभीर रूप में घायल प्रचारक कृष्णावतार को पहले नरेना के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर जयपुर के एसएमएस अस्पताल रेफर कर दिया गया। उनका इलाज जयपुर में चल रहा है।
नरैना थाना जयपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक हनुमान प्रसाद ने आरोपी थानाधिकारी और पुलिसकर्मियों को निलंबित कर मुकदमा दर्ज करवाया है। लेकिन सवाल उठ रहा है कि क्या सिर्फ थाने स्तर के कुछ पुलिसकर्मियों को निलंबित करने से न्याय हो गया? जब थानाधिकारी को पता था कि सामने वाला व्यक्ति संघ का प्रचारक है, फिर भी थाने में पीटा गया।
राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में भाजपा की सरकार है। संघ के प्रचारक का अपना घर-परिवार छोड़कर राष्ट्र सेवा के लिए जीवन समर्पित करना सर्वविदित है। देश के प्रधानमंत्री स्वयं नरेंद्र मोदी खुद को संघ का स्वयंसेवक बताते हैं। ऐसे में भाजपा शासित राज्य में ही संघ प्रचारक की थाने में पिटाई को भाजपा और संघ से जुड़े लोग सरकार पर बड़े कलंक के तौर पर देख रहे हैं।
यही घटना गैर भाजपा शासित राज्य में होती तो, अब तक देश में बवाल हो जाता!

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