काठियाबाबा आश्रम में नागरिक सुरक्षा प्रशिक्षण
विशेष प्रशिक्षण में सभी वर्गों की सहभागिता, आपातकालीन परिस्थितियों में राहत व जागरूकता पर जोर
बारां, काठियाबाबा आश्रम में नागरिक सुरक्षा का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम बड़े ही भव्य और उत्साहजनक वातावरण में सम्पन्न हुआ। यह प्रशिक्षण आचार्य परमानंद के सानिध्य में आयोजित किया गया, जिसमें सैंकड़ों की संख्या में नागरिक समय से पूर्व ही पहुँच गए और मन लगाकर प्रशिक्षण का भरपूर लाभ उठाया।
प्रशिक्षण का उद्देश्य वर्तमान समय की आपातकालीन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए नागरिकों को सजग, जागरूक और तैयार करना था। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, व्यापारियों, कर्मचारियों, किसानों, राजनीतिक व धार्मिक प्रतिनिधियों समेत अनेक सामाजिक संगठनों के प्रतिष्ठित व महत्वपूर्ण लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि पीआरओ योगेन्द्र भारद्वाज ने सभी उपस्थितजनों के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की जागरूकता न केवल संकट की घड़ी में राहत पहुंचाने में मदद करती है, बल्कि समाज को सुरक्षित और सशक्त भी बनाती है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं की सक्रिय भागीदारी की प्रशंसा की।
प्रशिक्षण टीम ने प्राथमिक चिकित्सा, अग्निशमन, आपदा प्रबंधन, CPR जैसी अनेक जरूरी जानकारियाँ न केवल विस्तार से दीं, बल्कि उन्हें प्रैक्टिकल रूप में करके भी दिखाया। आचार्य परमानंद व आयोजकों द्वारा प्रशिक्षक टीम का पुष्पवर्षा, तिलक और उपरना ओढ़ाकर सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि जयेश गालब, श्याम शर्मा, दीपांशु गेरा, पुरुषोत्तम नामा, प्रमोद शर्मा एडवोकेट, बीना वर्मा, प्रदीप जैन और कैलाश शर्मा मंचासीन रहे। संचालन सुनील शर्मा ने किया और उनकी टीम ने समस्त विषयों को बहुत ही सरलता और सतर्कता के साथ प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की रचना और समापन मृत्युंजय द्वारा बहुत ही सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराई गई।
आचार्य परमानंद ने अपने उद्बोधन में कहा कि नागरिक सुरक्षा का ज्ञान हर नागरिक का अधिकार ही नहीं, कर्तव्य भी है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों व आयोजकों का हृदय से आभार व्यक्त किया। अल्पाहार और देवप्रसाद के बाद कार्यक्रम का समापन समय से पूर्व करना पड़ा क्योंकि आपदा प्रशिक्षण टीम को जिलाधीश कार्यालय से अर्जेंट कॉल के चलते तत्काल वापिस बुला लिया गया।
यह कार्यक्रम नागरिक सुरक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
