राजेश कुमावत, indireporter. Com
खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड ने किया खेलकूद प्रषिक्षण शिविर का उद्घाटन
जयपुर, खिलाडी को बुलन्दी छूने के लिए जरूरी है कि वह लक्ष्य को मध्यनजर रखते हुए अनुशासन के साथ कडी महनत करे। अपनी हर रोज की ट्रेनिंग को एक कम्पीटिशन के रूप में लेवे तो सफलता उनके कदम चुमेगी, यह बात खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड ने मंगलवार को यहा सवाई मानसिंह इण्डोर स्टेडियम में 20 दिवसीय केन्द्रीय आवासीय खेलकूद प्रषिक्षण षिविर के उद्घाटन के अवसर पर खिलाडियों को संबोधित करते हुए कही।
खिलाडियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि जब खिलाडी घर से बाहर निकलता है तो उसे एक नया वातावरण मिलता है, उससे निपटना होता है और उसके अनुरूप अपने आप को ढालना पडता है। यह एक खिलाडी की शुरूआत होती है, जहा से उसे अपने आप को एडजस्ट करना होता है। शिविर में आपको फिजिकल, मेन्टली तौर पर स्ट्रोन्ग होना होता है। कोच से आपको सीखना होता है। यही से खिलाडी में आत्मविश्वास पेदा होता है। भारत के लिए खेलना है और जर्सी के पीछे इण्डिया लिखवाना है।
उन्होने उदाहरण देते हुए बताया कि महाराणा प्रताप एक असली चैम्पियन थे, उन्होने कभी हार नहीं मानी। खेल में भी ऐसा ही है कि खिलाडी को कभी हार नहीं माननी चाहिए।
खिलाडियों से हुए रूबरू
ऐथंस ओलम्पिक के रजत पदक विजेता कर्नल राठौड ने बताया कि जीतता वही है जिसे अपने प्रतिद्धन्दी के बारे में पता हो। वह केसे खेलता है, केसे तैयारी करता है, केसे रहता है और मैदान में वह क्या करता है, यह सब चीजे एक खिलाडी को अपने प्रतिद्धन्दी से खेलने में फायदा पहुचाती है।
बाडमेर के मोहित कुमावत के सवाल पर उन्होने कहा कि खिलाडी को आत्मविश्वास तब आता है जब वह हजारो घण्टो के ट्रेनिंग करता है।
खेल परिषद के सचिव सोहन राम चौधरी ने शिविर के बारे में जानकारी दी। खिलाडियों ने कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड का राजस्थानी साफा एवं हरा पौधा बैठकर स्वागत किया। समारोह की अध्यक्षता पद्मश्री श्रीराम सिंह शेखावत ने की। उन्होंने भी खिलाड़ियों से अपने अनुभव साझा किये। इस मोके पर खेल परिषद स्टाफ भी उपस्थित थे।
