पवन नागोरी, indireporter.com
साहित्य समाज का दर्पण होता है और कवि, साहित्यकार समाज के संवाहक: डाॅ.सी.वी आनंद बोस
कोलकाता, भारत की साहित्यिक राजधानी महानगर कोलकाता श्रावण की बरखा के साथ साथ साहित्यकार एवं कवियों की जमघट से भी सराबोर रही।
अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक संस्था रचनाकार का वार्षिक अधिवेशन एवं पुरस्कार अर्पण समारोह का भव्य एवं गरिमामय आयोजन भारतीय भाषा परिषद के सभागार में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।
इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से साहित्यिक विभूतियों को सम्मान पुरस्कार अर्पण हुआ। इस अवसर पर राजस्थान के डिंगल के यशस्वी कवि एवं राजस्थानी लोक संस्कृति के मर्मज्ञ वयोवृद्ध साहित्यकार बीकानेर निवासी भंवर पृथ्वीराज जी रतनू को इस वर्ष का रचनाकार कोलकाता के सर्वोच्च शिखर सम्मान प्रज्ञा पुरस्कार से पश्चिम बंगाल के महामहिम राज्यपाल डाॅ.सी.वी. आनंद बोस ने नवाजा, इस पुरस्कार स्वरूप 51000 इक्यावन हजार का चैक, अंग वस्त्र, शाॅल, हार, अभिनंदन पत्र, स्मृति चिन्ह, श्रीफल देकर सम्मानित किया गया,
कार्यक्रम के बतौर मुख्य अतिथी के रूप में बोलते हुए पश्चिम बंगाल के महामहिम राज्यपाल डाॅ.सी.वी. आनंद बोस ने कहा साहित्य समाज का दर्पण होता है
