दीपक शर्मा, indireporter.com
षड्यंत्रों का पर्दाफाश , साध्वी प्रज्ञा, कर्नल पुरोहित सभी बेगुनाह साध्वीहुए बरी, हुई न्याय की जीत : विश्व हिंदू परिषद
जोधपुर । मालेगांव ब्लास्ट मामले में गुरुवार को मुंबई की NIA कोर्ट ने केस से जुड़े साध्वी प्रज्ञा सिंह कर्नल पुरोहित सहित सभी आरोपी को निर्दोष बताते हुए बरी कर दिया गया। कोर्ट फैसला पर पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने कहा कि यह सत्य की जीत है। भगवा की विजय है जिस पर लोगो को विश्वास है । इस मामले पर विश्व हिंदू परिषद ने कहा कि कांग्रेस शासन में हिंदुत्व को टारगेट करते हुए हिंदू आतंकवाद की झूठी थ्योरी रची गई जो निराधार निकली । क्यों कि हिंदू कभी आतंकवादी नहीं हो सकता है।
विहिप के प्रांत अध्यक्ष डॉ राम गोयल ने प्रेस वक्तव्य जारी कर कहा कि पूरा विश्व जानता है आतंक की फैक्ट्री कहा है और इसे कौन कहा से पोषित पलित करता है । यह सत्यवान न्याय की जीत है और षड्यंत्रों का पर्दाफाश हुआ है। अध्यक्ष डॉ गोयल ने कहा कि हिंदू समाज व सनातन संस्कृति में हिंसा का कोई स्थान नहीं हम अहिंसा परमो धर्म के ध्येय को जीवन में धारणा करने वाले व मानवीय मूल्यों पर रहते हैं । ऐसे में ऐसी बम ब्लास्ट जैसे ओछी हरकत कभी नहीं कर सकते। तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने धर्म के आधार पर लोगो को बांटने व तुष्टिकरण की राजनीति करने का काम किया।
विहिप प्रांत मंत्री परमेश्वर जोशी ने कहा मालेगांव विस्फोट मामले में सत्य की विजय और राष्ट्रवाद पर लगाए गए झूठे आरोपों का अंत हुआ है।
विश्व हिंदू परिषद आज 2008 के मालेगांव बम विस्फोट मामले में विशेष एनआईए न्यायालय द्वारा सभी सातों आरोपियों को निर्दोष घोषित करने के ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत करती है। यह निर्णय न केवल न्याय की पुनर्स्थापना है, बल्कि उन करोड़ों राष्ट्रभक्तों की भावनाओं की भी विजय है जिन्हें लंबे समय से “हिंदू आतंकवाद” जैसे अपमानजनक और राजनीतिक षड्यंत्रों का सामना करना पड़ा।
साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित सहित सभी निर्दोषों को 17 वर्षों के कठोर मानसिक और सामाजिक उत्पीड़न के बाद न्याय मिला है, यह भारत की न्यायिक व्यवस्था की निष्पक्षता और सत्य की अपरिहार्यता का प्रमाण है।
यह निर्णय यह दर्शाता है कि राष्ट्रवादी शक्तियों को झूठे मुकदमों में फंसाकर बदनाम करने का षड्यंत्र किया गया।
तथाकथित “भगवा आतंकवाद” जैसे नेरेटिव का झूठ अब न्यायालय द्वारा भी अस्वीकार कर दिया गया है।
विश्व हिंदू परिषद वर्षों से यह कहती रही है कि हिंदू समाज का मूल स्वभाव शांतिप्रिय और राष्ट्रभक्त है, उसे बदनाम करने वाले तत्वों की पहचान होनी चाहिए। साथ ही यह विश्व हिंदू परिषद मांग करती है कि जिन लोगों ने षड्यंत्रपूर्वक इन राष्ट्रभक्तों को फंसाया, उनकी जांच और जवाबदेही तय की जाए।
इस प्रकरण में हुए सामाजिक और मानसिक उत्पीड़न के लिए पीड़ितों को समुचित क्षतिपूर्ति दी जाए।
इस ऐतिहासिक निर्णय को राष्ट्रीय विमर्श में रखा जाए ताकि समाज में फैलाए गए भ्रम का अंत हो।
विहिप सभी देशवासियों से अपील करते हैं कि इस निर्णय को न्याय की जीत के रूप में देखें, और अब राष्ट्रनिर्माण की दिशा में समरसता से आगे बढ़ें।
