राजेश कुमावत indireporter.com
राजस्थान में भारी बरसात बिगड़े, पाली, बूंदी, भीलवाड़ा , बाड़मेर, टोंक सहित कई जिलों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
टोंक जिले के मालपुरा कस्बे में स्थित टोरडी सागर बांध की चादर के बहाव में मंगलवार को एक रोडवेज बस बह बई,
रोडवेज बस में कोई भी यात्री नहीं बताया जा रहा सवार, मालपुरा पुलिस व एसडीआरएफ की टीम मौके पर मौजूद है, रोडवेज बस चालक की तलाश की जा रही है।
पाली में 9 इंच तक बरसात दर्ज हुई, जिससे यहां बाढ़ जैसे हालात हो गए,
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार राजस्थान में आए लो-प्रेशर सिस्टम का असर आज से खत्म हो जाएगा। ये सिस्टम आगे पाकिस्तान की तरफ चला जाएगा। इसके साथ आज चार जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
आठ जिलों में येलो अलर्ट है। जयपुर में मंगलवार सुबह से ही हल्की बारिश का दौर फिर से शुरू हो गया है।
वहीं, पिछले 24 घंटे के दौरान हुई बारिश की रिपोर्ट देखे तो पाली में 249 एमएम, रोहट में 127, मारवाड़ जंक्शन में 142, बाड़मेर के समदड़ी में 190, जोधपुर के बालेसर में 64, लूणी में 58, देचूं में 88, लोहावट में 61 एमएम, अजमेर के नसीराबाद में 156, पीसांगन में 114, जालोर में 98, जालोर के आहोर में 85 एमएम बरसात दर्ज हुई। प्रदेश में औसत से अब तक 32 फीसदी ज्यादा बारिश हो चुकी है। राजस्थान में 1 जून से 5 अगस्त तक 319.7MM बारिश हो चुकी है, जबकि इस समय तक औसत बारिश 242.9MM होती है।
पश्चिमी राजस्थान के एरिया के ऊपर एक्टिव है। इस सिस्टम के असर से पाली, जोधपुर, भीलवाड़ा, अजमेर, नागौर, बाड़मेर, जैसलमेर के एरिया में भारी बारिश हुई।
ये सिस्टम अब कमजोर होकर वेल मार्क लो-प्रेशर सिस्टम में तब्दील हो गया है। आगे बढ़ रहा है। इस सिस्टम के आगे निकलने के साथ ही आज शाम से पश्चिमी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां कम हो जाएगी और 7 अगस्त से यहां मौसम शुष्क होने लगेगा।
