योगेन्द्र शर्मा, Indireporter.com
सरकार राइजिंग राजस्थान में व्यस्त, एसएमएस ट्रोमा सेंटर में जांच मशीन का मरीज कर रहा इंतजार
राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल जयपुर के सवाई मानसिंह का ट्रोमा सेंटर भर्ती गंभीर घायल मरीजों को भी पर्याप्त सुविधाएं नहीं दे पा रहा है। एक ओर राइजिंग राजस्थान समिट की तैयारियों में सरकारी महकमा पैसा पानी की तरह बहा रहा है, वहीं दूसरी ओर ट्रोमा सेंटर में जांच मशीने ही नहीं है। पुराने भवन में जाने आने की परेशानी साथ में लम्बी कतार, मरीज को कैसे मिले ट्रोमा में जांच की सुविधा यह है,बड़ा सवाल?
एक एम्बूलेंस में 5 से अधिक मरीज
सवाई मानसिंह चिकित्सालय में सुविधाओं को लेकर राज्य सरकार भले ही बेहतर सुविधा देने का दम भरती हो। लेकिन एसएमएस में हालात इससे उलट है, ट्रोमा सेंटर में आने वाले मरीजों को सिटी स्केन के लिए ले जाने का तरीका अस्पताल प्रशासन पर गंभीर सवाल खडे करता है। एम्बूलेंस में एक नहीं पांच मरीजों को ले जाया जाता है, कभी- कभी यह संख्या ज्यादा भी हो जाती है। इस दौरान मरीज का सिटी स्केन करवाना किसी जंग जीतने से कम नहीं है।
ट्रोमा में सैकडों की संख्या मेें प्रतिदिन आते है मरीज
राजस्थान सहित अन्य प्रांतों से लोग जयपुर के एसएमएस में उपचार के लिए आते है। वहीं, ट्रोमा सेंटर में दुर्घटना के शिकार मरीज एवं अन्य जिलों से गंभीर रूप से घायल मरीजों को रेफर किया जाता है। ऐसे में मरीज को तुरंत चिकित्सा की आवश्यकता होती है। कई मरीजों की हालत चिंताजनक होती है, जिन्हंे वार्ड में जांच की सुविधा दी जानी चाहिए। लेकिन प्रशासनिक लापरवाही की वजह से मरीजों कों एम्बूलेंस में सिटी स्केन के लिए पुरानी भवन में ले जाया जाता है। आखिर कब सुधरेगें हालात
सरकार कोई भी हो एसएमएस अस्पताल में लापरवाही का दौर शायद ही खत्म हो। मरीजों के साथ आए परिजनों ने कहा आखिर कब सुधरेगें यह हालात? मरीज को घायल अवस्था में इतनी दूर जांच के लिए ले जाना बडा ही परेशानी भरा है। चिकित्सा प्रशासन और सरकार को सभी जांच की मशीन ट्रोमा सेंटर में ही लगानी चाहिए। जिससे मरीज को जांच के लिए होने वाली परेशानी से निजात मिले।
