राजकुमार पारीक, indireporter.com
भरतपुर में 10 वर्षीय बच्चे की संदिग्ध मौत, मोबाइल गेम खेलते समय हुआ हादसा
भरतपुर जिले के जिरौली गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां 10 साल के बच्चे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बच्चा घर के एक कमरे में अकेला मोबाइल पर गेम खेल रहा था, जबकि परिवार के अन्य सदस्य बाहर बरामदे में बैठे हुए थे। घटना रात करीब 10 बजे की बताई जा रही है।
कमरे में अकेला था बच्चा, कुछ देर बाद मिला अचेत
मृतक बच्चे की पहचान शिवा (10) पुत्र रवि शंकर के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार शिवा मोबाइल पर गेम खेल रहा था। कुछ समय बाद जब पिता उसे बुलाने कमरे में गए तो वह बेड पर अचेत अवस्था में पड़ा मिला। उसके गले में कपड़े का फंदा लगा हुआ था। घबराए परिजन तुरंत उसे भरतपुर के आरबीएम अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का आरोप, जांच में जुटी पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही चिकसाना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। बच्चे के रिश्तेदार और नगर निगम के पार्षद श्याम सुंदर गौड़ ने बताया कि परिवार के सभी सदस्य घर पर ही मौजूद थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मौत के कारणों की गहन जांच की जा रही है। फिलहाल घटना को संदिग्ध माना जा रहा है।
बच्चों में बढ़ती मोबाइल लत बन रही चिंता का विषय
विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों में मोबाइल गेम्स की लत लगातार बढ़ रही है। अधिक समय तक मोबाइल देखने से बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। इससे तनाव, चिड़चिड़ापन, नींद की कमी और एकाग्रता में कमी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। कई बार बच्चे गेम की नकल या गलत कंटेंट से प्रभावित होकर जोखिम भरे कदम उठा लेते हैं।
अभिभावकों के लिए चेतावनी
यह घटना अभिभावकों के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि बच्चों की मोबाइल गतिविधियों पर नजर रखना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बच्चों को सीमित समय के लिए ही मोबाइल दिया जाए और उनके साथ संवाद बनाए रखा जाए, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।
