राजेश कुमावत, indireporter.com
कर्नाटक जेल विभाग के DIG सोमशेखर को फर्जी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर उम्रकैद की सजा काट रहे कैदी को रिहा कराने के मामले में गिरफ्तार किया गया है। शंकर अरमुगम को 2004 के अपहरण मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। जांच में सामने आया कि तत्कालीन SDA श्रीकांत एस. ने सुप्रीम कोर्ट का फर्जी आदेश तैयार किया था, जिसके आधार पर शंकर को 2018 में जेल से रिहा कर दिया गया था।
गिरफ्तार अधिकारी: कर्नाटक जेल विभाग के डीआईजी (DIG) एम. सोमशेखर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। घटना के समय वे बेंगलुरु सेंट्रल जेल के मुख्य अधीक्षक (Chief Superintendent) पद पर तैनात थे।
कैदी और सजा: शंकर अरमुगम (Shankar Arumugam) को 2004 के एक अपहरण मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
फर्जी आदेश: जांच में सामने आया है कि तत्कालीन एसडीआर (SDA) श्रीकांत एस. ने सुप्रीम कोर्ट का एक फर्जी रिहाई आदेश तैयार किया था।
रिहाई: इसी जाली और फर्जी आदेश के आधार पर शंकर अरमुगम को वर्ष 2018 में जेल से रिहा कर दिया गया था।
आरोप और जांच: पुलिस का आरोप है कि डीआईजी सोमशेखर ने इस अवैध रिहाई में मदद की थी और बाद में जांच में सहयोग नहीं किया। इसके अलावा कैदी की पत्नी ने भी अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वर्तमान में यह मामला पुलिस की जांच के दायरे में है।
