दीपक शर्मा, indireporter.com
दुर्गावाहिनी का शक्ति संचलन संपन्न, प्रज्ञा महाला ने किया सम्बोधित- भारत हमारी मातृभूमि है और इसकी एकता, अखंडता तथा सम्मान की रक्षा करना हम सभी का कर्तव्य है।
पाली। दुर्गावाहिनी द्वारा आयोजित शक्ति संचलन कार्यक्रम श्रद्धा, उत्साह एवं मातृशक्ति की सहभागिता के साथ संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभु श्रीराम एवं माता दुर्गा के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया |
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में दुर्गावाहिनी की राष्ट्रीय संयोजिका प्रज्ञा महाला उपस्थित रहीं। मुख्य अतिथि के रूप में वंदे मातरम् शिक्षण संस्थान की डायरेक्टर मीनाक्षी चंपावत ने सहभागिता की। वहीं अतिथि के रूप में सोनू जोधा, हेमलता प्रजापत एवं लीला जोशी उपस्थित रहीं।
मुख्य वक्ता प्रज्ञा महाला ने संबोधित करते हुए कहा कि
सनातन संस्कृति का मूल संदेश—समस्त संसार का कल्याण
बंधुओं, हमारी सनातन परंपरा हमें केवल अपने सुख की चिंता करना नहीं सिखाती, बल्कि संपूर्ण संसार के कल्याण की कामना करना सिखाती है। हम कहते हैं—
“वसुधैव कुटुम्बकम्।”
अर्थात् संपूर्ण पृथ्वी एक परिवार है।
हमारी प्रार्थना है—
“सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु, मा कश्चिद् दुःखभाग्भवेत्॥”
भारत का इतिहास और स्वतंत्रता के लिए हुआ संघर्ष
बंधुओं, अब हमें अपने इतिहास की ओर देखना चाहिए।
भारत का इतिहास केवल राजाओं और साम्राज्यों का इतिहास नहीं है। यह संघर्ष का इतिहास है, ज्ञान का इतिहास है, सामाजिक परिवर्तन का इतिहास है और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने वाले असंख्य लोगों के साहस का इतिहास है।
वीरांगनाओं और क्रांतिकारियों का अद्भुत साहस
जब भी भारत की स्वतंत्रता और स्वाभिमान की बात होती है, तब अनेक महान व्यक्तित्व हमारे सामने आते हैं।
झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई, कित्तूर की रानी चेन्नम्मा, रानी दुर्गावती और अनेक अन्य वीरांगनाओं ने अपने साहस, नेतृत्व और संघर्ष से इतिहास में अमिट स्थान बनाया।
रानी लक्ष्मीबाई से मिलने वाली प्रेरणा
बंधुओं, रानी लक्ष्मीबाई के जीवन पर एक बार फिर विचार कीजिए।
उनका जन्म 1828 में हुआ था। बचपन से ही उन्होंने घुड़सवारी और युद्धकला का अभ्यास किया। उनका विवाह झाँसी के महाराजा गंगाधर राव से हुआ। आगे चलकर वे 1857 के विद्रोह में अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष करने वाली प्रमुख नेताओं में शामिल हुईं।
आज की पीढ़ी का राष्ट्र के प्रति कर्तव्य-
आज देश को शिक्षित, संस्कारित, जिम्मेदार और चरित्रवान नागरिकों की आवश्यकता है।
हमें अपने बच्चों को इतिहास पढ़ाना चाहिए, लेकिन इतिहास को तथ्यों के साथ पढ़ाना चाहिए।
हमें अपनी संस्कृति पर गर्व करना चाहिए, लेकिन उसके मूल्यों को अपने व्यवहार में भी अपनाना चाहिए।
भारत को परम वैभवशाली बनाने का संकल्प हम सभी यहां से लेके जाए ।
कार्यक्रम मुख्य अतिथि मीनाक्षी चंपावत ने संबोधित करते हुए कहा कि नारिशक्ति को हर फील्ड में आगे रहना चाहिए
आज देश को शिक्षित, संस्कारित, जिम्मेदार और चरित्रवान नागरिकों की आवश्यकता है।
हमें अपने बच्चों को इतिहास पढ़ाना चाहिए, लेकिन इतिहास को तथ्यों के साथ पढ़ाना चाहिए।
हमें अपनी संस्कृति पर गर्व करना चाहिए, लेकिन उसके मूल्यों को अपने व्यवहार में भी अपनाना चाहिए।
शक्ति संचलन लोढ़ा स्कूल से प्रारम्भ होकर – सूरजपोल -सोमनाथ मंदिर -सर्राफा बाजार -फतेहपुरिया बाजार -पानी दरवाजा- सत्यनारायण मार्ग-सिंघी कॉलोनी -रामदेव रोड़ माली समाज बगेची पहुचकर सम्पन्न हुआ 45 मिनट में संचलन पूर्ण हुआ सभी बहने कदम से कदम मिलाकर शहर के मुख्य मार्गो से निकला शहर वासियों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया ।
कार्यक्रम के समापन में जिला अध्यक्ष नरेंद्र कुमार माछर ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया ।
दुर्गावाहिनी जिला संयोजिका प्रियंका माली ने बताया कि कार्यक्रम में पाली विभाग मातृशक्ति संयोजिका रेखा सोलंकी, पाली विभाग दुर्गावाहिनी संयोजिका संतोष वैष्णव, हेमा प्रजापत, हेमलता परिहार,परी सोलंकी, निकिता लखारा, प्रकाश कंवर, जीनल प्रजापत, गुनगुन सेन, प्रियंका पवार, चंचल सोनी, खुशबू सोनी, जया कुमावत एवं भावना सोनी,हेमा सोनी,साक्षी परिहार, प्रियंका,पूजा शर्मा,दीपिका राजपूत,सहित विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।
