प्रमोद जोशी,
बिहार: भागलपुर के राहुल यादव के प्यार में रूस से भारत पहुंची जूली, बोली – “झोपड़ी में भी रह लूंगी, बस राहुल चाहिए”
कहते हैं प्यार न सरहद देखता है, न दौलत। कुछ ऐसा ही नजारा बिहार के भागलपुर में देखने को मिला है, जहां एक रूसी युवती अपने भागलपुरिया प्यार के लिए सात समंदर पार कर चली आई।
भागलपुर के रहने वाले राहुल यादव काम के सिलसिले में रूस गए थे। वहीं उनकी मुलाकात रूसी युवती जूली से हुई। साथ काम करते-करते दोनों में दोस्ती हुई और दोस्ती कब प्यार में बदल गई, पता ही नहीं चला। कुछ महीनों बाद राहुल का वीजा खत्म हुआ और उन्हें बिहार लौटना पड़ा।
राहुल के जाने के बाद जूली उनसे दूर नहीं रह पाई। आखिरकार उसने बड़ा फैसला लिया और अपने परिवार के साथ सीधे बिहार के भागलपुर पहुंच गई।
यहां आकर जूली ने देखा कि राहुल का आशियाना कोई बंगला नहीं, बल्कि एक साधारण सी झोपड़ी है। लेकिन जूली का प्यार इतना पक्का था कि उसने हंसते हुए कहा – उसे महल नहीं चाहिए, उसे तो बस राहुल का साथ चाहिए। वह उसी झोपड़ी में राहुल के साथ खुशी-खुशी रहने को तैयार है।
रूसी बहू के भागलपुर आने की खबर पूरे इलाके में आग की तरह फैल गई। राहुल के घर के बाहर जूली को देखने के लिए लोगों की भीड़ लग रही है। हर कोई इस देसी-विदेशी जोड़ी को देखकर हैरान है और कह रहा है – “ये है सच्चा वाला प्यार!”
फिलहाल राहुल का परिवार भी जूली को बहू के रूप में स्वीकार करने को तैयार है और जल्द ही दोनों के शादी के बंधन में बंधने की चर्चा है।
