संत परमानंद , indireporter.com
बारां, महाराजाधिराज बाबा महाकाल भगवान की साल में एक बार निकलने वाली शाही सवारी “पालकी” भाद्रपद मास का प्रथम शनिप्रदोष को, बारां शहर में धूमधाम से निकली ।
बाबा महाकाल की शाही सवारी “पालकी” दोपहर मनिहारा महादेव में पूजा अर्चना कर रवाना हुई, सर्वप्रथम राजस्थान पुलिस बैंड ने बाबा महाकाल की मधुर ध्वनि में भजन एवं आरती सुनाई।
बाबा महाकाल की शाही सवारी पालकी का बारां शहर में श्रद्धालुओं ने, जगह-जगह फूलों की वर्षा कर स्वागत किया, और बाबा महाकाल की आरती भी उतारी, पालकी के साथ-साथ बाबा महाकाल की मनमोहक सजीव झांकियां भी साथ चल रही थी, लोक कलाकारों ने बाबा महाकाल के भजनों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं को बहुत पसन्द आई।
बाबा महाकाल की शाही सवारी पालकी में बड़ी संख्या में मातृशक्ति महाकाल के भजनों के साथ देशभक्ति के नारों से माहोल धार्मिक के साथ-साथ देश भक्ति का नजर आया।
बाबा महाकाल की पालकी के संत परमानंदजी महाराज और बारां शहर के, धर्मपरायण गणमान्य लोग बाबा महाकाल की भक्ति में नाचते गाते हुए साथ चल रहे थे। बाबा महाकाल की पालकी बारां शहर में हर्षोल्लास व धूमधाम से नगर भ्रमण करती हुई भूतेश्वर महादेव मंदिर पहुँच कर विसर्जन हुई। श्रद्धालुओं प्रसादी ग्रहण कर पुण्य का परमानंद पाया।
इससे पूर्व संत परमानंद जी ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि, सभीअपनी अपनी सहभागि सुनिश्चित करलें जी ! चूंकि यह शुभदिन वर्ष में केवल एक ही दिन आता है और वो “शुभदिन है आज” तो भैया मेरे, बहिना मेरी.. चूक न जाना ! भूल न जाना !! आज महाकाल भगवान के दर्शन करने सपरिवार आना और भरपूर आशीष पाना
