दिनेश भारद्वाज. Indireporter.com
प्रशासन की अव्यवस्थाओं व मंदिर समिति की असुविधाओ से हारे भक्तों का सहारा बना, हारे का सहारा। सक्षम श्याम भक्तों की तरफ से लगाये गए भंडारे, मेडिकल शुविधाओ, निःशुल्क टॉयलेट व सौचालय, विश्राम स्थल, पेयजल व चाय नास्ता, पैरों की मसाज के साथ श्याम भजनों पर झूमने के लिए श्याम दरबार हर जगह मिलेंगे जो श्याम भक्तों का सहारा बनते हैं।
खाटू श्याम के लखी मेले में दिन रात श्याम भक्त रींगस से पैदल चल रहे हैं। श्याम भक्तों को दी जाने वाली शुविधाओ को लेकर श्याम मेला समिति ने न्यूज़ पेपर्स में विज्ञापन भी प्रकाशित करवाये है, और रिपोर्टिंग करने वाले मीडिया कर्मियों को भी बहुत सी सुविधाओं का लाभ मिलेगा, तो अब न्यूज़ पेपर तो श्याम भक्तों की परेशानियों को प्रकाशित करेंगे नहीं। विज्ञापन के अनुसार पैदल मार्ग पर रींगस से खाटू तक नो व्हीकल जोन, रास्ते मे बिजली की बेहरतीन सुविधाएं, एक हज़ार के लगभग टॉयलेट व शौचालय, वाहन शुविधाओ की भरमार व सभी प्रकार की शुरक्षा व्यवस्था। लेकिन हकीकत कुछ ओर !
1. पैदल रास्ते पर कई जगह घोर अंधेरा।
2. पैदल रास्ते पर रींगस से खाटू तक वाहनो की तेज स्पीड में आवाजाही।
3. टॉयलेट व सौचालय में आप शुल्क देकर सुविधाएं ले सकते हो।
4. वाहनो में 3 किलोमीटर जाने के लिए आपको 50 रुपये देने होंगे व रींगस तक के 100 रुपये।
5. आप जूते या चप्पल पहन कर दर्शन करने जा रहे हों तो आपको नंगे पांव ही वापस आना पड़ेगा, अगर आप अपने महंगे जूते वापस लाना चाहते हो तो कई किलोमीटर आपको घूमकर आना पड़ेगा।
6. आपको दर्शनो के लिए श्याम बाबा के दर्शनों से पहले वहाँ तैनात सेवा में लगे कर्मचारियों से कड़े वचन व अस्वाभाविक व्यवहार से सामना करना होगा क्योंकि अभी वो ही स्वयं भगवान बने है।
लेकिन फिर भी आप को श्याम भक्तों की तरफ से हर तरह की सुविधाओं का लाभ मिलेगा जो हारे के सहारे बाबा श्याम के नाम पर निःशुल्क होगा। मेला समिति व प्रशासन से परेशान भक्तों का एक मात्र सहारा इसीलिए कहते है हारे के सहारे बाबा श्याम हमारे। जय श्री श्याम
