योगेन्द्र शर्मा, indireporter.com
मशहूर भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल, एवं उनकी धर्म पत्नी धनश्री वर्मा के बीच तलाक का मामला
मुंबई हाई कोर्ट ने फैमिली कोर्ट के फैसले को पलट दिया।
फैमिली कोर्ट ने वैधानिक कूलिंग-ऑफ अवधि को माफ करने से किया इनकार था।
जस्टिस माधव जामदार की पीठ ने फैमिली कोर्ट को दिया निर्देश। गुरुवार तक तलाक की याचिका पर फैसला करने का दिया निर्देश
आगामी IPL में चहल की भागीदारी को ध्यान में रखते हुए दिया निर्देश
युजवेंद्र चहल एवं उनकी पत्नी धनश्री ने ढाई साल से अधिक समय अलग-अलग बिताया था- मुंबई हाई कोर्ट
सहमति की शर्तों का अनुपालन किया गया था- मुंबई हाई कोर्ट
क्योंकि इसमें डिक्री पारित होने के बाद शेष राशि का भुगतान करने का प्रावधान था
दिसंबर 2020 में शादी करने वाले युजवेंद्र चहल एवं उनकी धर्मपत्नी धनश्री जून 2022 से अलग रह रहे है।
5 फरवरी 2025 को मुबंई के बांद्रा फैमिली कोर्ट में तलाक की याचिका दायर की गई थी
याचिका के साथ कूलिंग पीरियड माफ करने की अर्जी भी दायर की गई थी
यह याचिका आपसी सहमति से तलाक के लिए हिंदू विवाह कानून की धारा 13बी के तहत दायर की गई थी।
हालांकि फैमिली कोर्ट ने 20 फरवरी को चहल और वर्मा के बीच सहमति की शर्त के आंशिक अनुपालन का हवाला देते हुए 6 महीने की वैधानिक कूलिंग पीरियड को माफ करने से इनकार कर दिया था
सहमति की शर्त के अनुसार युजवेंद्र चहल ने धनश्री को 4 करोड़ 75 लाख रुपए का स्थायी गुजारा भत्ता देने पर सहमति जताई थी,
जिसमें से 2 करोड़ 37 लाख 55 हजार रुपए पहले ही दिए जा चुके हैं
शेष राशि का भुगतान न किए जाने को फैमिली कोर्ट ने गैर-अनुपालन माना था
