दिलीप भट्ट, indireporter.com
14वां गोपीजी भट्ट स्मृति संगीत नाट्य समारोह का दूसरा दिन
पं. आलोक भट्ट के मधुर गायन से दर्शक भाव विभोर
जयपुर। परम्परा नाट्य समिति द्वारा 14वां स्व. गोपीजी भट्ट स्मृति संगीत नाट्य समारोह रविन्द्र मंच के स्टूडियो थियेटर में आयोजित हो रहा है तमाशा शैली के प्रख्यात गायक गोपीजी भट्ट की याद में तीन दिवसीय संगीत नाट्य समारोह का आयोजन में आज पं. आलोक भट्ट के मधुर गायन से आरम्भ हुआ आलोक के गायन में सहजता, मधुरता और भावपूर्ण भजनों से दर्शक भाव बिभोर हुए।
शास्त्रीय संगीत और अष्टछाप कवियों की वाणी मुखरित हुई पंडित आलोक भट्ट द्वारा स्व. गोपीजी भट्ट स्मृति संगीत नाट्य समारोह में आज की संगीत संध्या में रामचरित मानस से जेही सुमिरत सिद्ध होई राग यमन से अपनी मधुर गायकी की शुरुआत की पुष्टि मार्गीय राग सेवा शैली में अपनी रचित राग तौडी में कवि परमानंद दास की विरह रचना ब्रिज के बिरही लोग विचारे और उसके बाद सूरदास जी, नन्ददास , कृष्ण दास की अनेक बानगी आपने मंच पर प्रस्तुत की। कलाकार के साथ तबले पर महेन्द्र शंकर डांगी, सारंगी पर मनोहर टांक क्लारनेट पर अब्दुल रशीद और पखावज पर ऐश्वर्य आर्य ने बडी सहज तरहां से संगीत की समारोह के आरम्भ में स्व. गोपीजी भट्ट की तस्वीर पर माल्यार्पण हुआ और कलाकारों का स्वागत किया। इस अवसर पर आलोक भट्ट व कलाकारों को स्मृति चिन्ह देकर कार्यक्रम संयोजक सचिन भट्ट, भागचंद गुर्जर, हेमंत थपलियाल ने सभी का सम्मान किया। कल सायं 7 बजे गोपीजी भट्ट के शिष्य पुत्र दिलीप भट्ट का तमाशा शैली का गायन होगा एकल प्रस्तुति और मनीष तिवाडी द्वारा दिलीप भट्ट से तमाशा पर चर्चा भी होगी आप सभी सादर आमंत्रित हैं।
