दीपक शर्मा,indireprter.com
पाली, 12 अप्रैल।महाराणा प्रताप की ननिहाल नगरी पाली मारवाड़ को राज्य सरकार द्वारा प्रताप से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों के विकास की योजना में सरकार द्वारा घोषित प्रताप सर्किट में सम्मिलित करने की मांग को लेकर आज जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को ज्ञापन सौंपा गया।
प्रतिनिधिमंडल महाराणा प्रताप विकास समिति के तत्वाधान में मुख्यमंत्री निवास, जयपुर पर मिला, जिसमें नगर परिषद पाली के पूर्व सभापति महेंद्र बोहरा, समिति के अध्यक्ष एडवोकेट शैतान सिंह सोनीगरा, सचिव चम्पालाल सिसोदिया तथा समिति सदस्य एवं स्थानीय पार्षद विकास बुबकिया शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि महाराणा प्रताप का बाल्यकाल उनकी ननिहाल नगरी पाली से जुड़ा रहा है। उनके नाना महाराव अखेराज सोनगरा, जिन्होंने गिरी सुमेल युद्ध में वीरगति प्राप्त की, तथा मामा मानसिंह के नाम से मानपुरा भाकरी जैसे कई ऐतिहासिक संदर्भ आज भी पाली की पहचान हैं। इन स्थलों के संरक्षण एवं विकास से न केवल ऐतिहासिक धरोहर सहेजी जा सकेगी, बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी पाली का महत्व बढ़ेगा।प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से पाली स्थित जूनी कचहरी गढ़ (ननिहाल परिसर) के समग्र विकास की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि पाली गढ़ के महाराव अखेराज सोनीगरा की पुत्री जयवंता देवी के सुपुत्र वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप थे, जिससे इस भूमि का ऐतिहासिक एवं भावनात्मक महत्व अत्यंत बढ़ जाता है।
यह स्थान वीरता, संस्कार और राष्ट्रभक्ति का प्रेरणा केंद्र है।प्रतिनिधिमंडल ने मांग रखी कि इस स्थल पर लाइट एंड साउंड सिस्टम के माध्यम से महाराणा प्रताप की जीवन गाथा को सजीव किया जाए, एक भव्य संग्रहालय एवं शोध केंद्र विकसित किया जाए, तथा पाली के प्रमुख स्थलों का नामकरण महाराणा प्रताप एवं उनके परिजनों के नाम पर किया जाए। इसमें जयवंता देवी मेडिकल कॉलेज, महाराव अखेराज सिंह आयुर्वेदिक चिकित्सालय, प्रताप पुलिस चौकी एवं भामाशाह सब्जी मंडी जैसे प्रस्ताव शामिल हैं।इसके अतिरिक्त, पाली के प्रत्येक प्रवेश मार्ग का सौंदर्यीकरण कर “महाराणा प्रताप की ननिहाल स्थली पाली” दर्शाते हुए भव्य स्वागत द्वार स्थापित करने की भी मांग की गई, जिससे पाली को पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके और उसकी पहचान विश्व पटल पर स्थापित हो।प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को यह भी स्मरण करवाया कि उन्होंने अक्टूबर 2021 में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, सिक्किम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर, सांसद पी.पी. चौधरी एवं तत्कालीन विधायक ज्ञानचंद पारख की उपस्थिति में इस पवित्र स्थल पर आकर आशीर्वाद प्राप्त किया था, जिससे उनकी स्मृतियां पुनः जीवंत हो उठीं।मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए सकारात्मक रुख अपनाया तथा इस विषय पर यथोचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया।प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार से आग्रह किया कि पाली मारवाड़ को प्रताप से जुड़े प्रमुख स्थलों की विकास योजना में शामिल कर आवश्यक बजट एवं योजनाएं स्वीकृत की जाएं, ताकि क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके और आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रप्रेम एवं इतिहास बोध की प्रेरणा मिलती रहे।
