ललित शर्मा indireporter.com
वाईएमए डे 2026 जयपुर में धूमधाम से मनाया गया, मिजो संस्कृति और एकता का दिया गया संदेशललित शर्मा जयपुर, 16 जून। जयपुर मिजो वेलफेयर द्वारा 15 जून को “वाईएमए डे 2026” का भव्य आयोजन द वेस्टिन फार्म, बालाजी सिटी रोड, बिंदायका, जयपुर में किया गया। कार्यक्रम में जयपुर में निवासरत मिजो समुदाय के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं सामुदायिक एकता के प्रति पुनः प्रतिबद्धता व्यक्त की।उल्लेखनीय है कि यंग मिजो एसोसिएशन (वाईएमए) मिजो समाज का सबसे बड़ा और प्रभावशाली गैर-लाभकारी, धर्मनिरपेक्ष एवं स्वैच्छिक संगठन है। इसका मुख्य उद्देश्य बदलते सामाजिक परिवेश में मिजो संस्कृति, परंपराओं और ईसाई मूल्यों का संरक्षण करना है। संगठन का मूल सिद्धांत “त्लावम्नगैह्ना” (Tlawmngaihna) है, जो निःस्वार्थ सेवा, जरूरतमंदों की सहायता, बड़ों के प्रति सम्मान और समाज के प्रति समर्पण की मिजो जीवनशैली को दर्शाता है।कार्यक्रम के प्रथम सत्र की अध्यक्षता पु आर. ललटलंथांगा ने की, जबकि उद्घाटन प्रार्थना एनएल जेनिफर आर. ललह्रियातपुई ने संपन्न कराई। इस अवसर पर जयपुर मिजो वेलफेयर के अध्यक्ष पु आर. ललचंचिनमाविया ने वाईएमए डे का संदेश देते हुए मिजो समाज की गौरवशाली परंपराओं और सामुदायिक मूल्यों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में विशेष संगीत प्रस्तुतियों के साथ वाईएमए की प्रतिज्ञा पर चर्चा की गई तथा संगठन के पूर्व पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया।कार्यक्रम के दौरान मिजो पारंपरिक नृत्यों ने सभी का मन मोह लिया। इसके अलावा विभिन्न खेल एवं मनोरंजक प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया, जिनमें बच्चों का समूह पाठ, म्यूजिकल चेयर, एकल गायन, नींबू खाने की प्रतियोगिता, कील ठोकने की प्रतियोगिता तथा तैराकी प्रतियोगिता शामिल थीं। सांस्कृतिक संध्या ने आयोजन को और भी रंगारंग बना दिया।कार्यक्रम का विशेष आकर्षण “मिस एंड मिस्टर जयपुर” चयन प्रतियोगिता रही, जिसमें प्रतिभागियों ने मिजो पारंपरिक वेशभूषा में अपनी प्रतिभा और सांस्कृतिक पहचान का प्रदर्शन किया। निर्णायक मंडल द्वारा विजेताओं का चयन किया गया।इस अवसर पर जयपुर मिजो समुदाय की स्थापना से लेकर आज तक अपने नेतृत्व, मार्गदर्शन और मातृवत स्नेह से समुदाय को संगठित रखने वाली पी लालनुनसांगी फानाई तथा पी लियनरोथांगी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। दोनों को स्नेहपूर्वक “जयपुर मिजो समुदाय की माताएं” कहा जाता है। उपस्थित लोगों ने उनके योगदान की सराहना करते हुए उन्हें प्रेरणा का स्रोत बताया।जयपुर मिजो वेलफेयर की आयोजन समिति की सदस्य लालथाकिमी, जो संगठन की सचिव भी हैं, ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य मिजो संस्कृति का संरक्षण, सामुदायिक एकता को सुदृढ़ करना तथा नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और मूल्यों से जोड़ना है।कार्यक्रम के दौरान सामूहिक भोज का भी आयोजन किया गया, जिसमें समुदाय के सदस्यों ने मिल-जुलकर भाग लिया। भोजन की व्यवस्था स्थल पर ही की गई थी, जिसके लिए समुदाय के लोगों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।समापन अवसर पर जयपुर मिजो वेलफेयर ने जयपुर में निवासरत उन सभी मिजो नागरिकों से संगठन से जुड़ने का आह्वान किया, जो अभी तक इसके सदस्य नहीं बने हैं। संगठन ने सभी से मिजो समाज की श्रेष्ठ जीवनशैली, संस्कृति और “त्लावम्नगैह्ना” की भावना को बनाए रखने तथा आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की अपील की।इस भव्य आयोजन ने न केवल मिजो समाज की सांस्कृतिक समृद्धि को प्रदर्शित किया, बल्कि यह भी सिद्ध किया कि अपनी जड़ों से जुड़े रहकर सामाजिक सौहार्द, सेवा और एकता की भावना को सशक्त बनाया जा सकता है।
