शिव वर्मा, indireporter.com
फ़िल्मों में तो ये साहब कोई 50 साल तक सक्रिय थे। मगर टीवी पर इन्होंने एक बार ही काम किया था। और उस एक बार में ही इन्हें इतना बढ़िया किरदार मिला कि टीवी जगत में भी इनका नाम अमर हो गया। वो किरदार था बिक्रम बेताल शो का बेताल। इन साहब का नाम सज्जन लाल पुरोहित है। फ़िल्मी दुनिया में ये सिर्फ़ सज्जन के नाम से जाने जाते थे। आज सज्जन जी की पुण्यतिथि है। सन 2000 में 17 मई के दिन सज्जन जी का देहांत हुआ था। उस वक्त सज्जन की उम्र 79 साल हो चुकी थी।
सज्जन जी का जन्म हुआ था 15 जनवरी 1921 को जोधपुर में। ग्रेजुएशन इन्होंने किया था जोधपुर के जसवंत कॉलेज से। इनके पिता इन्हें वकील बनाना चाहते थे। इसलिए वकालत करने के लिए इन्हें कलकत्ता भेजा गया। मगर कलकत्ता उन दिनों फ़िल्म निर्माण का भी बड़ा केंद्र था तो वहां से ये फ़िल्मों की तरफ़ आकर्षित हो गए। सज्जन जी ने फ़िल्मों में काम करना शुरू कर दिया। पहले एक्स्ट्रा कलाकार के तौर पर। बाद में छोटे-छोटे डायलॉग्स वाले किरदार भी सज्जन जी को मिलने लगे।
दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान सज्जन जी कलकत्ता छोड़कर बंबई आ गए। बंबई में किदार शर्मा जी ने सज्जन जी को अपना असिस्टेंट बना लिया। उस वक्त राज कपूर भी किदार शर्मा के असिस्टेंट हुआ करते थे। यानि सज्जन कुमार जी की राज कपूर से पहचान उस ज़माने से थी। सज्जन जी को लेखन का भी शौक था। बंबई में सज्जन जी ने कुछ फ़िल्मों के लिए संवाद लेखन का काम भी किया था। किदार शर्मा के बाद सज्जन जी 35 रुपए महीना की तनख्वाह पर गजानन जागीरदार जी के असिस्टेंट बने। और वो नौकरी इन्होंने काफ़ी वक्त तक की थी।
