राजेश कुमावत, indireporter.com
दंडवत यात्रा करते हुए महाकाल मंदिर पहुंचेंगे ट्रीमैन ऑफ इंडिया विष्णु लाम्बा, पर्यावरण संरक्षण का देंगे संदेशउज्जैन। पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने के संकल्प के साथ ट्रीमैन ऑफ इंडिया के नाम से प्रसिद्ध पर्यावरणविद् विष्णु लाम्बा जयपुर से उज्जैन पहुंचेंगे। बुधवार को उज्जैन की सीमा में प्रवेश करते ही वे भगवान महाकाल के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा व्यक्त करते हुए दंडवत यात्रा प्रारंभ करेंगे और दंडवत करते हुए श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर बाबा महाकाल के दर्शन एवं पूजा-अर्चना करेंगे। इस दौरान वे अपने हाथ में भगवान शिव को प्रिय बिल्व का पौधा लेकर चलेंगे, जो प्रकृति संरक्षण और वृक्षारोपण का प्रतीक होगा। यात्रा को लेकर गुरुवार को उज्जैन प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता भी आयोजित की जाएगी, दंडवत यात्रा के उद्देश्य, आगामी सिंहस्थ एवं सवा लाख बिल्व पौधारोपण को लेकर चर्चा की जाएगी । इस दौरान अनेक सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं पर्यावरण कार्यकर्ता भी मौजूद रहेंगे। इसी दौरान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को शीघ्र ही जयपुर में आयोजित होने जा रहे पर्यावरण महाकुंभ का निमंत्रण भी दिया जाएगा। इस कठिन एवं प्रेरणादायी यात्रा का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक करना, प्रत्येक नागरिक को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का बोध कराना तथा पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देना है। यह यात्रा प्रधानमंत्री भारत सरकार के “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान की भावना को जन-जन तक पहुँचाने का भी प्रयास है, जिससे अधिक से अधिक लोग वृक्षारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण का संकल्प लें।उल्लेखनीय है कि भगवान शिव को प्रकृति संरक्षण का सर्वोच्च प्रतीक माना जाता है। उनकी जटाओं में विराजमान माँ गंगा जल संरक्षण का संदेश देती हैं, गले में विराजमान नाग जैव विविधता एवं वन्यजीव संरक्षण का प्रतीक हैं, नंदी पशु संरक्षण का संदेश देते हैं, शरीर पर धारण की गई भस्म पंचतत्वों की महत्ता का बोध कराती है, बाघम्बर वन एवं वन्यजीव संरक्षण का प्रतीक है, जबकि कैलाश पर्वत से उनका संबंध पर्वतों, हिमालय और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण की प्रेरणा देता है। इसी आध्यात्मिक संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से यह यात्रा आयोजित की जा रही है।विष्णु लाम्बा वर्षों से बाबा महाकाल के अनन्य भक्त रहे हैं और पर्यावरण संरक्षण के विभिन्न अभियानों के माध्यम से समाज को जागरूक करते आ रहे हैं। उन्होंने अपने उज्जैन में अभियान की शुरुआत उस समय की थी, जब डॉ. मोहन यादव पहली बार विधायक बने थे। दोनों ने अनेक अवसरों पर मिलकर वृक्षारोपण अभियानों में सहभागिता की है।गौरतलब है कि विष्णु लाम्बा मध्य प्रदेश शासन के “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान में ब्रांड एंबेसडर के रूप में अपनी सेवाएँ दे चुके हैं। तब इंदौर में मात्र 12 घंटे में 12 लाख पौधारोपण का विश्व कीर्तिमान कायम किया गया । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में संचालित पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण अभियानों से प्रेरणा लेते हुए यह यात्रा हरित चेतना को और सशक्त बनाने का प्रयास करेगी।उज्जैन की सीमा में उनके आगमन पर पर्यावरण प्रेमियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा भव्य स्वागत किया जाएगा। महाकाल के दर्शन के उपरांत वे पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अपनी आगामी यात्रा के लिए प्रस्थान करेंगे।इस अवसर पर विष्णु लाम्बा ने सभी श्रद्धालुओं एवं नागरिकों से आह्वान किया है कि यदि भगवान शिव समस्त जीव-जंतुओं, नदियों, पर्वतों और प्रकृति को अपने स्वरूप में स्थान दे सकते हैं, तो हम भी अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण करने का संकल्प लें। उन्होंने विशेष रूप से अपील की कि “हर दर्शनार्थी भगवान शिव को समर्पित बिल्व का एक पौधा अवश्य लगाए, उसका संरक्षण करे और पर्यावरण संरक्षण को अपना जीवन-संकल्प बनाए।”यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए समर्पित एक जनजागरण अभियान है, जिसका उद्देश्य समाज को पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित करना और हरित भारत के निर्माण में जनभागीदारी सुनिश्चित करना है।
