राजेश कुमावत, indireporter.com
जयपुर, राजस्थान विश्वविद्यालय के संगीत विभाग तथा नाट्यकुलम संस्थान जयपुर के संयुक्त तत्वाधान में महाकवि भास के प्रसिद्ध संस्कृत नाट्य ‘प्रतिज्ञा यौगन्धरायण’ का प्रस्तुतीकरण किया गया। भरत मुनि कृत्य नाट्यशास्त्र की अवधारणा के अनुसार नाट्य प्रयोग का समारंभ ‘रंगदेवता’ की प्राण प्रतिष्ठा से हुआ, नाट्य प्रस्तुति संगीत विभाग की नटमंडली द्वारा तीन दर्जन से अधिक कलाकारों ने किया।
संस्कृत भाषा में मंत्रोच्चार सहित ‘रंग देवता’ की प्रतिष्ठा की गई, इसके अनंतर नाट्यशास्त्र की प्रासंगिकता से संबंधित उद्बोधन एवं नाटक मंगलाचरण शास्त्री संगीत एवं नाट्यात्मक पद्धति अंतर्गत हुआ।
इससे पूर्व डॉ. सुरेश बबलानी संस्कार भारती राजस्थान की ओर से कार्यक्रम में उद्बोधन हुआ।
