योगेंद्र शर्मा, indireporter.com
राष्ट्रद्रोह के मामले जेल में बंद नवनिर्वाचित सांसद अमृतपाल ने पंजाबी भाषा में ली सांसद पद की शपथ
आंतकवादी अमृतपाल ने डिब्रूगढ़ जेल में बंद रहते हुए संसद का चुनाव लड़ा था
शपथ के बाद 50 मिनट परिवार से मुलाकात, वापस डिब्रूगढ़ जेल गया सांसद अमृतपाल
नई दिल्ली , राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत अमृतपाल करीब सवा साल से असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद है, अमृतपाल ने जेल से ही लोकसभा चुनाव लड़ा और जीत गए। पहली बार वह पैरोल पर सिर्फ शपथ लेने के लिए ही बाहर आया।
खडूर साहिब के सांसद और खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह ने बतौर सांसद शपथ ली है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में अमृतपाल ने पंजाबी में शपथ ली। इसके बाद उन्हें परिवार से मिलवाया गया और वापस डिब्रूगढ़ जेल में भेजा गया।
खडूर साहिब से सांसद बने अमृतपाल को शपथ दिलाने के लिए उन्हें असम की डिब्रूगढ़ जेल से कड़ी सुरक्षा में दिल्ली लाया गया।
सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में दिल्ली में उनके ठहरने का इंतजाम था। दोपहर करीब 12.30 बजे दिल्ली और पंजाब पुलिस के अलावा अन्य सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी सुरक्षा के बीच अमृतपाल को संसद भवन लाया । जहां अमृतपाल ने स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में शपथ ली।
शपथ के बाद पिता, चाचा और भाई से अमृतपाल की मुलाकात कराई गई। परिवार की ओर से 8 लोगों से मुलाकात करने का पत्र दिया था, लेकिन सुरक्षा टीमों ने केवल तीन लोगों को ही मिलने की अनुमति दी।
