राजेश कुमावत, indireporter.com
कृषक हितैषी बजट के लिए प्रदेशभर से आए किसानों ने जताया मुख्यमंत्री का आभार
अन्नदाता के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध
देश में सर्वाधिक शासन करने वालों ने नहीं की किसान की चिंता: भजन लाल शर्मा
जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर परिवर्तित बजट-2024-25 में कृषि संबंधी ऐतिहासिक घोषणाओं के लिए किसानों द्वारा अभिनन्दन और आभार समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी किसानों को खुशहाल बनाने के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। हमने सरकार का गठन होते ही पूर्वी राजस्थान के लिए अति महत्वपूर्ण ईआरसीपी योजना के लिए केंद्र और मध्यप्रदेश सरकार के साथ ऐतिहासिक समझौता किया। साथ ही, शेखावाटी क्षेत्र की प्यास बुझाने के लिए यमुना जल समझौते को भी मूर्त रूप दिया, जबकि पूववर्ती सरकार ने इस संबंध में केंद्र और हरियाणा सरकार से कभी पत्र व्यवहार तक नहीं किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान सम्मान निधि को 6 हजार से बढ़ाकर 8 हजार रुपए करने तथा गेहूं की एमएसपी बढ़ाने तथा पशुपालकों के लिए गोपाल क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 1 लाख रुपए तक का ऋण देने जैसे निर्णय हमारी किसान एवं पशुपालक हितैषी नीति का प्रतीक हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारे देश में प्राचीन काल से ही कृषि को उत्तम आजीविका का दर्जा दिया जाता रहा है, मगर देश में सबसे लम्बे समय तक शासन करने वालों ने कभी भी किसानों की चिंता नहीं की और गांव तथा शहर में भेदभाव किया। वर्ष 2014 के बाद देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों के दर्द को समझा और उनके जीवन स्तर में बदलाव के संकल्प के साथ कई महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू कीं
किसान परिवारों के आर्थिक सशक्तीकरण का संकल्प पूरा करने के लिए राज्य में कृषि विकास एवं कृषक कल्याण के लिए 96 हजार करोड़ रुपये से भी अधिक का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि राजस्थान इरीगेशन वाटर ग्रिड मिशन के अन्तर्गत 50 हजार करोड़ रुपये तथा रन ऑफ वाटर ग्रिड के अन्तर्गत 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक के कार्य करवाये जायेंगे। इसके साथ ही राजस्थान कृषि विकास योजना के तहत 650 करोड़ रुपए के कार्य कराए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि बजट में ‘कुसुम योजना’ के माध्यम से किसान भाइयों को दिन के समय में सिंचाई हेतु बिजली दिये जाने का कार्य वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे किसान भी दिन में खेती संबंधी कार्य निपटाकर सरकारी कर्मचारियों की तरह शाम को घर लौट सकेंगे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि इस वर्ष 23 हजार करोड़ रुपये के ब्याज मुक्त अल्पकालीन फसली ऋण वितरित किये जाएंगे। इसके अंतर्गत 5 लाख नये किसान भी ऋण प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए 736 करोड़ रुपये ब्याज अनुदान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बजट में भूमि सुधार के लिए सहकारी बैंकों द्वारा दिये जाने वाले दीर्घकालीन कृषि ऋणों का दायरा भी बढ़ाते हुए 100 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 500 नये फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन, 150 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में 100 से 500 मीट्रिक टन क्षमता के गोदामों का निर्माण करवाया जाएगा। साथ ही राजस्थान एग्रीकल्चर एंड हॉर्टीकल्चजर मिशन एवं ऑर्गेनिक एंड कन्वेंरशनल फार्मिंग बोर्ड का गठन किया जायेगा। इसके अतिरिक्त उन्नत तकनीक को बढ़ावा देने तथा किसानों को प्रशिक्षित करने के लिए 10 एग्रो क्लाइमेंट जोंस में 2-2 कलस्टर विकसित किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए पशुपालन बड़ा आर्थिक संबल है। साथ मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि गोवर्धन जैविक उर्वरक योजना के तहत गौवंश से जैविक खाद का उत्पादन करने के लिए 10 हजार रुपए तक की प्रति कृषक आर्थिक सहायता दी जाएगी।
किसानों ने ढोल-मंजीरे बजाकर अपनी खुशी जाहिर की। राज्य के श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, सीकर, झुंझुनूं, अजमेर, पाली, दौसा तथा अलवर सहित विभिन्न जिलों से आए किसानों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए किसानों ने कहा कि इस बजट में सरकार द्वारा कृषक कल्याण के लिए भारी बजट का आवंटन यह दर्शाता है कि यह किसान हितैषी सरकार है। किसानों ने मुख्यमंत्री की मुक्त कंठ से प्रशंसा की और ‘किसानों को मिला पूरा सम्मान… विकसित बनता राजस्थान… जैसे नारे भी लगाए।
मुख्यमंत्री को प्रतीक स्वरूप हल और बाजरे की फसल भेंट की। मुख्यमंत्री ने इस दौरान किसानों से संवाद भी किया।
इस अवसर पर केन्द्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, सांसद सी.पी. जोशी, देवनारायण बोर्ड के अध्यक्ष ओमप्रकाश भड़ाना सहित बड़ी संख्या में किसान एवं आमजन उपस्थित थे।
