राजेश कुमावत, Indireporter.com
शौर्य पदक विजेता विकास जाखड के पिता ने राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा
विधायक रफीक खान से फोजी विकास जाखड़ के परिवार को खतरा
शौर्य चक्र विजेता विकास जाखड़ के साथ पुलिस कर ही है आंतकवादीयों जैसा व्यवहार
7 दिन में कोई सुनवाई न होने के कारण पिता रति राम जाखड ने स्वयं को बताया असहाय
जयपुर, पीड़ित पत्नी को न्याय दिलाने के लिए विधायक रफीक खान के घर जनसुनवाई में गए शौर्य चक्र विजेता विकास जाखड़ के साथ विधायक के समर्थको ने की मारपीट, और विधायक की शिकायत पर ही फौजी विकास जाखड़ को, शांति भंग के आरोप में पुलिस ने किया था गिरफ्तार। विधायक से मामूली कहा सुनी हुई थी, किंतु धन व राजनीतिक रसूखात के मद में आदर्शनगर विधायक ने शौर्य पदक विजेता सैनिक विकास जाखड पर रोजाना नई धाराओं में मुकदमा दर्ज करवा रहे हैं, जिसके कारण फौजी विकास जाखड़ की पिछले 7 दिनों से जमानत नहीं हो पा रही है।
फौजी विकास जाखड़ के पिता रतिराम जाखड़ ने न्याय के लिए दुखी मन से राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को लिखित में ज्ञापन सोपा
रतिराम ने जिला कलेक्टर के बाहर पत्रकारों को बताया कि, विधायक रफीक खान ने हाथापाई कर देश के सैनिकों के प्रति अपनी दुर्भावना व्यक्त की है । शौर्य चक्र पदक विजेता सैनिक के सम्मान को भारी ठेस पहुँचाने वाला रफ़ीक खान आम आदमी के साथ कैसा बर्ताव करता होगा, इसका अंदाज़ा लगाया जा सकता है , हो सकता है मेरे बेटे को रफ़ीक खान मॉब लीचिंग कर मारना चाहता था । यदि रफ़ीक को हाथापाई के बाद वीडियो बनता हुआ न दिखता तो वे लोग मेरे बेटे को मार देते। रफ़ीक अपने राजनैतिक प्रभाव से विकास जाखड़ के विरुद्ध ही मुक़दमे पर मुक़दमे दर्ज करा रहा है। ताकि विकास को ज़मानत न मिल सके । सात दिन हो गए हमें पुलिस थाने व न्यायालय के द्वार से केवल धक्के व निराशा ही मिल रही है।
पूरा घटनाक्रम तब ही सामने आएगा, जब विकास को ज़मानत मिलेगी ।
रतिराम जाखड ने कहा कि हम सब ओर से निराश हो चुके हैं । सब ओर राजनैतिक ताक़त का ही बोलवाला है, आम आदमी की सुनने वाला कोई नहीं है, एक सैनिक का पिता होने के नाते मुझे ये बात बहुत दुःख के साथ कहनी पड रही है कि इस लोकतंत्र में जनता का राज कहा है ? सब ओर केवल नेताओं की ही चलती है, विधायक रफ़ीक खान जैसे नेता सच को झूठ और झूठ को सच कर देते हैं।
ऐसे में हमारे पास केवल एक ही विकल्प बचा था कि हम सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठी हुई महामहिम राष्ट्रपति महोदया को अपनी परिवेदना भेजें। हमने उसे विकास की रिहाई की माँग की है ताकि आगामी कार्रवाई के लिए हम अपनी एफ आई आर दर्ज कराकर कुछ वैधानिक लड़ाई लड़ सकें।
ज्ञापन देने पहुँचे शिष्टमंडल ने कहा कि यदि हमें जल्द ही कोई राहत नहीं मिली तो हमें मजबूर होकर अपने समस्त समाज व विभिन्न संगठनों से आंदोलन के लिए गुहार लगानी पड़ेगी।
