राजेश कुमावत ,indireporter.com
लोकभवन में राज्यपाल ने किया पुस्तक ‘स्त्री’ का विमोचन
महिलाओं की वस्तविक स्थिति को दर्शाती पुस्तक ‘स्त्री’ का विमोचन
जयपुर। राज्यपाल ने लोकभवन में लेखिका डॉ. शुचि चौहान की पुस्तक ‘स्त्री’ का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि महिलाएं आज आर्थिक रूप से सशक्त होने के साथ जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं। ऐसे में उनके मनोबल और आत्मविश्वास को और मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण का अर्थ केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता नहीं, बल्कि महिलाओं की आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता और अपने जीवन से जुड़े फैसले लेने की स्वतंत्रता को मजबूत करना भी है।
पुस्तक ‘स्त्री’ में अलग-अलग वैचारिक दृष्टियों से स्त्री को देखने के नजरिए का विश्लेषण किया गया है। इसमें स्त्री की पहचान, स्वतंत्रता, अधिकार और बदलते सामाजिक परिवेश में उसकी भूमिका से जुड़े प्रश्नों को व्यापक सामाजिक संदर्भ में रखा गया है। पुस्तक में व्यक्तिवाद, लिव-इन रिलेशनशिप और वोकिज्म जैसे समकालीन विचारों की पृष्ठभूमि तथा भारतीय समाज पर उनके प्रभाव को भी रोचक ढंग से समझने का प्रयास किया गया है।
डॉ. शुचि चौहान ने बताया कि पुस्तक लिखने का उद्देश्य स्त्री को किसी एक दृष्टिकोण में सीमित करने के बजाय उन विभिन्न विचारधाराओं और सामाजिक दृष्टियों को समझना है, जिन्होंने समय के साथ स्त्री की छवि, भूमिका और पहचान को प्रभावित किया है। पुस्तक के माध्यम से स्त्री-विमर्श को व्यापक सामाजिक और वैचारिक संदर्भ में देखने का प्रयास किया गया है।
राज्यपाल ने पुस्तक के प्रकाशन पर डॉ. शुचि चौहान को बधाई देते हुए कहा कि स्त्री से जुड़े विषयों पर सार्थक और सकारात्मक संवाद को आगे बढ़ाना आवश्यक है।
