राजेश कुमावत, indireporter.com
अजमेर दरगाह में “संकट मोचन शिव मंदिर” का दावा- कोर्ट ने स्वीकार की याचिका,
कोर्ट ने तीन प्रतिवादियों को जारी किया नोटिस
अजमेर। प्रसिद्ध ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में संकट मोचन शिव मंदिर होने का दावा करने वाली अपील राष्ट्रीय हिंदू सेवा के विष्णु गुप्ता द्वारा अजमेर कोर्ट में लगाई जिसे स्वीकार कर, अजमेर पश्चिम की सिविल कोर्ट ने परिवादी के दस्तावेज जमा करवाने के बाद बुधवार को प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया हैं। परिवादी ने अपने वाद में
1.दरगाह कमेटी,
2.नई दिल्ली में केंद्रीय अल्पसंख्यक विभाग
3.केंद्रीय पुरात्तव विभाग
प्रतिवादी बनाया है, कोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई की तारीख 20 दिसंबर 2024 को रखी है।
अजमेर दरगाह में संकट मोचन शिव मंदिर होने संबंधी वाद को स्वीकार करते हुए कोर्ट ने प्रतिवादियों को कोर्ट ने नोटिस जारी कर दिए हैं।
कोर्ट में हुई सुनवाई में बुधवार को परिवादी पक्ष की ओर से वाद के संबंध में दलील रखी गई है, कि परिवादी शिव भक्त है और भगवान शिव में उसकी गहरी आस्था है. परिवादी का दावा है कि दरगाह में शिव मंदिर है और इस संबंध में उसके पास पर्याप्त साक्ष्य हैं. परिवादी पक्ष की ओर से कोर्ट में वर्षों पहले लिखी गई अजमेर के निवासी हरविलास शारदा की पुस्तक का भी हवाला दिया गया है. परिवादी पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने वाद में परिवादी की ओर से बनाए गए तीन प्रतिवादियों को नोटिस जारी करने के आदेश दिए हैं
वादी विष्णु गुप्ता के वाद पर न्यायाधीश मनमोहन चंदेल ने सुनाया अहम फैसला, न्यायाधीश ने दरगाह कमेटी, अल्पसंख्यक मामलात व भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण धरोहर भवन नई दिल्ली को नोटिस जारी करने के दिए आदेश, कोर्ट ने स्वीकार किया वादी विष्णु गुप्ता के वाद को, अजमेर स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह मे मंदिर होने का हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट अजमेर पश्चिम मे किया था वाद पेश, न्यायाधीश मनमोहन चंदेल के समक्ष आज हुई थी सुनवाई, अधिवक्ता योगेश सुरोलिया, रामस्वरूप बिश्नोई व ईश्वर ने की वादी विष्णु गुप्ता की ओर से पैरवी, वादी विष्णु गुप्ता ने विभिन्न साक्ष्य के आधार पर अजमेर दरगाह में संकट मोचन महादेव मंदिर होने का किया था दावा पेश, जिस पर न्यायाधीश ने सुनाया आज अपना फैसला
ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की अजमेर दरगाह को मुगल आक्रांता हुमायूं ने निर्माण करवाया था
