राजेश कुमावत, indireporter.com
महाकुंभ- संगम तट पर भगदड़,
14 की मौत:
प्रयागराज में श्रद्धालुओं की एंट्री रोकी;
अखाड़ों का अमृत स्नान रद्द
प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं की भीड़ में देर रात हुई भगदड़ के बाद अब यहां हालात काबू हैं, पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था लगा दी है। आम श्रद्धालुओं के प्रवेश पर यहां रोक दी है
प्रयागराज के संगम तट पर मोनी अमावस्या से पूर्व बुधवार की रात श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक बढ़ने से भगदड़ मच गई। इसमें 14 से अधिक श्रद्धालु की मौत की खबर है, 50 से अधिक श्रद्धालु घायल हैं।
स्वरूपरानी अस्पताल के अनुसार 14 शव पोस्टमॉर्टम के लिए लाए हैं, हालांकि, प्रशासन ने मौत या घायल श्रद्धालुओं की संख्या को लेकर कोई जानकारी नहीं दी।
कुंभ मेले में भगदड़ के बाद प्रशासन के अनुरोध पर सभी 13 अखाड़ों ने आज मौनी अमावस्या का अमृत स्नान रद्द कर दिया है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी ने कहा- संगम पर अधिक भीड़ के कारण यह फैसला किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने सीएम योगी से फोन पर घटना की जानकारी ली। अफवाह के चलते संगम पर भगदड़ मची। कुछ महिलाएं जमीन पर गिर गईं और लोग उन्हें कुचलते हुए निकल गए। हादसे के बाद 70 से ज्यादा एंबुलेंस संगम तट पर पहुंचीं। इनसे घायलों और मृतकों को अस्पताल ले जाया गया
हादसे के बाद संगम तट पर NSG कमांडो ने मोर्चा संभाल लिया, प्रयागराज शहर में भी श्रद्धालुओं के आने पर रोक लगा दी गई है। इसके लिए शहर की सीमा से सटे जिलों में प्रशासन को मुस्तैद कर दिया गया है
महाकुंभ में बुधवार को मौनी अमावस्या का स्नान है, जिसके चलते करीब 5 करोड़ श्रद्धालुओं के शहर में मौजूद होने का अनुमान है। प्रशासन के मुताबिक, संगम समेत 44 घाटों पर आज देर रात तक 8 से 10 करोड़ श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने का अनुमान है।
