राजेश कुमावत,
indireporter.com
प्रयागराज महाकुंभ के श्रद्धालु अब काशी, अयोध्या, एवं मथुरा की और उमडे
महाकुंभ का असर अब काशी में दिखाई दे रहा है, मौनी अमावस्या के शाही स्नान के बाद काशी, अयोध्या, मथुरा में श्रद्धालुओं की भीड़ आ रही है।
भक्तों के भीड़ का दबाब देखते हुए काशी के शाश्वमेध घाट पर होने वाली विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती को भी आयोजकों ने 5 फरवरी तक के लिए रद्द कर दिया है। अयोध्या रामलला दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों की छुट्टी 5 फरवरी तक कर दी है।
वहीं दूसरी तरफ श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने भी बाबा के भक्तों के लिए एडवाइजरी भी जारी की है।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर तीर्थ क्षेत्र के एसडीएम शम्भू कुमार ने बताया कि महाकुंभ से लौटने वाली भीड़ के कारण काशी में भक्तों की भीड़ है।
प्रति दिन 5 से 8 लाख श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर रहे हैं, ऐसे में भीड़ के कारण श्रद्धालुओं को कई घंटे लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है।
जो शारीरिक रूप से अस्वस्थ है, वो भोले बाबा के दर्शन से परहेज करें और लाइन में लगने के बजाय दूर से ही भोले बाबा को प्रणाम करें।
काशी विश्वनाथ के अलावा गंगा आरती के लिए घाटों पर भीड़ के मद्देनजर दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती कराने वाली संस्था गंगोत्री सेवा समिति ने भी श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर गंगा आरती को फिलहाल 5 फरवरी तक के लिए गंगा आरती स्थगित कर दिया है।
श्रद्धालुओं और दर्शनार्थियों से अपील भी की है, कि वे इस अस्थायी परिवर्तन को समझदारी के साथ स्वीकार करें और धैर्य बनाए रखें, बाबू महाराज ने ये भी कहा कि जो लोग महाकुंभ में स्नान के बाद काशी आने का प्लान कर रहे है वो कुछ दिन बाद काशी आए।
