गजानन्द शर्मा, Indireporter.com
हरिजस : पंच प्रण को जन-जन तक पहुचाने का प्रण
मुख्य मार्ग पर रहने वाले सैकड़ों से अधिक सत्संगी कलाकार हुए शामिल।
लिया पंच प्रण का संकल्प, भजनो की प्रस्तुति दे बहाई भक्ति की सरिता।
जयपुर, 2 फरवरी।
मुख्य मार्ग गतिविधि, खंड वाटिका की ओर से
चाकसू स्थित संत नारायण उ.मा.विद्यालय नारियाकावास मे ‘हरिजस’ सत्संगी संगम कार्यक्रम का आयोजन हुआ, कार्यक्रम मे मूख्य मार्ग पर रहने वाले 152 सत्संगी कलाकार शामिल हुए। ‘हरिजस’ कार्यक्रम की शुरूआत मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस दौरान तिलक लगाकर और केसरिया दुपट्टा ओढ़ाकर सभी सत्संगियो का सम्मान किया गया।
हरिजस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक चैतन्य कुमार ने कहा कि “हरिजस’ यह केवल कार्यक्रम नहीं है यह उन मनीषियो का संगम और सम्मान है जो वर्षों से सत्संग के माध्यम से गांव-गांव ढाणी ढाणी-घर-घर हमारे धर्म, संस्कृति तथा समाज के संरक्षण एवं संवर्धन करने के पावन पुनीत कार्य मे निस्वार्थ बुद्धि से तथा तन-मन-धन पूर्वक लगे हुए हैं। यह कार्य अगली पीढी भी करती रहे इसकी चिता हमे की जानी चाहिए। पंच प्रण पर बोलते हुए चैतन्य कुमार ने कहा है कि आज सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्व का बोध एवं नागरिक शिष्टाचार नामक पंच प्रण है। पंच प्रण आज देश की आवश्यकता और समाज परिवर्तन का आधार है। पंच प्रण को जन जन तक ले जाने की महत्ती जिम्मेदारी हम सब सत्संगियो की भी है। सत्संगी भजन एवं छोटी-छोटी कथाओं के माध्यम से पंच प्राण के पाचो विषय गांव-गांव ढाणी ढाणी घर-घर तक आसानी से पहुंचा सकते हैं और पहुचाया जाना भी चाहिए। इस दौरान उपस्थित सभी सत्संगियों ने पंच प्रण विषय को अपने जीवन मे उतारने के साथ साथ भजनों और कथाओं के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प भी लिया।
सम्मान एवं उद्बोधन के बाद सत्संगी कलाकारों ने ‘मन लागो मेरो यार फकीरी में…..’, ‘चदरिया झीनी रे झीनी, राम नाम रस भीनी’, ‘ यही नाम मुख्य मे हो हरदम हमारे हरिकृष्ण गोविंद माधव मुरारे’ भजनो की शानदार प्रस्तुतिया दी, जो उपस्थित लोगो को झूमने पर मजबूर कर दिया।
