योगेंद्र शर्मा, indireporter.con
“यार से प्यार, मर्द का मर्डर” आज के समाज की कहानी!
“मुस्कान बहुत सुंदर चालक लड़की है।
साहिल शुक्ला की माताजी स्नैप चैट पर उसे ऐसे मैसेजेस करती थी। वही माताजी जिनकी मौत बहुत पहले हो चुकी थी। यानि साहिल अपनी मरी मां से बात करता था। साहिल शुक्ला एक अंधविश्वासी व्यक्ति है। उसकी मां जीवित नहीं है। वो अपनी मां की कमी महसूस करता है। इसलिए उसने अपनी मां के नाम से एक स्नैपचैट अकाउंट बनकर तैयार किया था। साहिल को लगता था कि उसकी मां, जो इस दुनिया में नहीं है। वो उससे बात करती है। और मुस्कान भी इस बात से वाकिफ़ थी। और जानते हैं मुस्कान ने क्या किया ? मुस्कान ने अपने भाई के नंबर से एक स्नैप चैट अकाउंट बनाया। उस अकाउंट से वो साहिल को उसकी मां बनकर मैसेजेस चैट करने लगी। मुस्कान ही साहिल से कहती थी कि “मुस्कान अच्छी लड़की है, तू उसके साथ खुश रहेगा”
साहिल अपने इस अंधविश्वास की वजह से मुस्कान को लेकर और उत्सुक हो गया और मुस्कान से शादी करना चाहता था। और मुस्कान के पति सौरभ किसी भी कीमत पर दोनों के बीच रास्ते से हटाना चाहता था।
मेरठ पुलिस ने जो बताया उसके मुताबिक, पति सौरभ को तो मुस्कान भी रास्ते से हटाना चाहती तो थी, लेकिन साहिल से शादी नहीं करना चाहती थी।
एक रिपोर्ट में बताया कि साहिल अंधविश्वास में इतना पागल हो चुका था कि,पति सौरभ की हत्या में पहला वार पत्नी मुस्कान ही करेगी।
साहिल और मुस्कान ने नवंबर माह में ही तय कर लिया, कि सौरभ जब वापस आएगा तो उसका मर्डर कर दिया जाएगा।
सौरभ 24 फ़रवरी को लंदन से मेरठ लौट रहा था। तय हुआ कि जिस दिन मुस्कान का बर्थडे होता है(25 फ़रवरी को) उसी दिन सौरभ की हत्या कर दी जाएगी। मुस्कान सौरभ को शराब पिलाएगी। उस शराब में बेहोशी की दवा होगी। सौरभ जैसे ही बेहोश होगा उसे खत्म कर दिया जाएगा। मगर वो प्लानिंग फ़ेल हो गई।
तय हुआ कि 3 मार्च को सौरभ को क़त्ल किया जाएगा। क्योंकि उस दिन सौरभ और मुस्कान की बेटी के एग्ज़ाम्स खत्म होंगे। और मुस्कान बेटी को अपने माता-पिता के घर छोड़ आएगी। मुस्कान ने दुकान से दो बड़े चाकू खरीद लाई। दुकान वाले से मुस्कान ने कहा कि मुर्गा काटना है इसलिए वो ये चाकू खरीद रही है। फिर आई तीन मार्च की रात। उस रात मुस्कान ने सौरभ की पसंदीदा डिश कोफ़्ता बनाई। और अपने इरादों पर कायम मुस्कान ने कोफ्ते में ही नशीली दवा मिला दी। सौरभ ने कोफ़्ता खाया और कुछ देर बाद बेहोश हो गया। सौरभ के बेहोश होते ही मुस्कान ने साहिल को बुला लिया। साहिल ने मुस्कान को चाकू दिया। सौरभ की छाती पर पहला वार मुस्कान ने ही किया।
मुस्कान के वार करने के बाद साहिल सौरभ पर चाकू लेकर टूट पड़ा। सौरभ ने अपनी पूरी ताकत लगा दी लड़ने मे, मगर वो हार गया। साहिल सौरभ पर चाकू से वार करता रहा। मुस्कान पीछे खड़ी सौरभ को तड़पता देखती रही। जब सौरभ के प्राण निकल गए तो साहिल ने बाथरूम में उसकी हथेलियां, सिर काटा।
लाश को ठिकाने लगाने के लिए एक बड़ा ड्रम, कुछ सीमेंट के बैग भी खरीदे गए। मृतक सौरभ के शरीर के टुकड़ों को सीमेंट घोल के साथ ड्रम में भर दिया, ड्रम साहिल की ठोस कब्र बन गया।
मुस्कान, साहिल के कमरे पर जाकर सो गए। और अगले दिन सुबह कैब बुक करके हिमाचल घूमने निकल गए, 84 हज़ार रुपए थे मुस्कान के पास, 14 दिन बाद दोनों मेरठ लौट आए।
मुस्कान ने अपना भेद अपने माता-पिता के सामने खुद ही खोल दिया। मुस्कान के माता-पिता ने खुद ही पुलिस को अपनी बेटी मुस्कान की करतूतों की सूचना दी और मुस्कान व उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को गिरफ़्तार करा दिया।
गिरफ्तार के बाद मुस्कान के माता-पिता अपनी बेटी के अपराध को देखते हुए फांसी की सजा की मांग कर रहे हैं।

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