राजेश कुमावत, indireporter.com
नव संवत्सर का अद्भुत स्वागत , शहर परिक्रमा के लिए निकले आठो दिशा में श्वेत अश्व
जयपुर भारतीय नवसंवत्सर 2082 के स्वागत के लिये 4 श्वेत अश्व (घोडे) जयपुर के आराध्य देव श्रीराधा गोविन्द देवजी मंदिर प्रांगण से जयपुर के प्रमुख संत मंहत, प्रबुद्व व्यक्तियों एवं पंडितो ने विधिवत पूजा अर्चना कर रवाना किया।
भारतीय नवसंवत्सर के प्रति जागरूता लाने और नवसंवत्सर विक्रम संवत विक्रम संवत 2081 का प्रचार प्रसार करने के लिये किया गया। जिसमें श्वेत अश्व (घोडे) के दोनो तरफ नवसंवत्सर की में शुभकामना संदेश लगे हुये है। संस्कृति युवा संस्था एवं नवसंवत्सर उत्सव समारोह समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में संस्था के अध्यक्ष पण्डित सुरेष मिश्रा, नीलम मिश्रा, हवामहल विधायक बालमुकुन्दाचार्य, ने विधि विधान के साथ वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ अश्वों की पूजा अर्चना के साथ श्रीराधा गोविन्द देवजी के महंत मानस गोस्वामी ने पूजा अर्चना की और संत महंतो का स्वागत किया। हवामहल विधायक महामंडलेश्वर बालमुकुन्दाचार्य, जयपुर शहर पूर्व सांसद राम चरण बोहरा, पूर्व महापौर ज्योति खण्डेलवाल,घाट के बालाजी के महंत सुदर्शनचार्य, सरस निकुंज के प्रवीण भैया, गढ गणेश के गौरव मेहता, सागानेरी गेट हनुमान मंदिर कैलाश गोड, लाडलीजी मंदिर सजय गोस्वामी , धर्म प्रचारक विजय शंकर पाडे, नहर के गणेशजी के मानव एवं, जयपुर पुजारी महासघं नीतीष चतुर्वेदी पंकज शर्मा पं. राजकुमार चतुर्वेदी ने चारों अश्वों की लगाम पकडकर श्रीराधा गोविन्द देवजी मंदिर के चैराहे तक लाये उसके पश्चात् पूर्व, पश्चिम, उत्तर,एवं दक्षिण दिशा में रवाना किया गया।
अश्व जयपुर शहर के प्रमुख मंदिरों में ईशान में खोले के हनुमानजी मंदिर, पूर्व में गलता, आग्नेय में गोनेर मंदिर, दक्षिण में सांगा बाबा, नैऋत्य में स्वामी नारायण मंदिर, पष्चिम में हाथोज हनुमानजी, वायव्य में कदम्ब डूंगरी व उत्तर में आमेर में काले हनुमान मंदिर जी के लिये छोडे गये और नवसंवत्सर का 11 दिन तक अनूठे तरीके से जन जागरण करेगें।
संस्कृति युवा संस्था के संरक्षक एडवोकेट एच.सी. गणेशिया, सर्व ब्राह्मण महासभा, संत महंतों ने राजस्थान के लोकप्रिय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का भारतीय नववर्ष के दिन राजस्थान स्थापना दिवस मनाने पर ख़ुशी ज़ाहिर करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया है।
