राजेश कुमावत, indireporter.com
राजस्थान में 2 साल में 40 बार जिस कंपनी की दवा के सैंपल फेल हुए, वह कंपनी ‘मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना’ के तहत दवाएं सप्लाई कर रही है।
केसॉन कंपनी के बनाए सिरप पीकर दो बच्चों सीकर और भरतपुर के रहने वाले है, उनकी मौत हो गई. कई बच्चों के बेहोश होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है. यह कंपनी कई बार ब्लैकलिस्टेड भी की जा चुकी है फिर भी इस कंपनी पर सरकार महरबान रही – ख़ुद की जेब भरने के चक्कर में अधिकारियों ने बच्चों की जान से खिलवाड़ कर दिया है।
*पूर्व स्वास्थ्य मंत्री का बयान*
कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामले में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ ने कहा ये चूक हुई है पहले ही इस कंपनी के ख़िलाफ़ कारवाई करनी चाहिए थी , बड़े स्तर पर लापरवाही हुई है लेकिन अब कंपनी के ख़िलाफ़ कार्यवाही होगी। ये मैं कह रहा हू
शुक्रवार को जांच एजेंसी ने राजस्थान में संदेह के आरोपों में आई कफ़ सिरप को क्लीन चिट दे दी है।
