राजेश कुमावत, indireporter.com
महिला सुरक्षा को लेकर आम आदमी पार्टी का जयपुर में जोरदार रोष विरोध-प्रदर्शन, जयपुर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
राजस्थान में महिलाओं और बेटियों के विरुद्ध बढ़ रही अपराध की घटनाओं के विरोध में आम आदमी पार्टी, जयपुर शहर द्वारा गुरुवार को कलेक्ट्रेट सर्किल पर विरोध-प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए महिला सुरक्षा के संबंध में जयपुर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
जिला अध्यक्ष अमित दाधीच एवं जिला संगठन महामंत्री संगीता गौड़ के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं आमजन उपस्थित रहे।
श्रीगंगानगर में 13 वर्षीय एक नाबालिग बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। उन्होंने इस मामले में पीड़िता को शीघ्र न्याय दिलाने तथा सभी दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की। साथ ही कहा कि प्रदेश में महिलाओं के विरुद्ध ऐसी अनेक घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं, जिससे अपराधियों में कानून का भय दिखाई नहीं देता।
आम आदमी पार्टी ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि प्रभावी कानून-व्यवस्था, त्वरित पुलिस कार्रवाई और दोषियों को कठोर दंड मिलने से सुनिश्चित होगी। पार्टी ने राज्य सरकार से महिलाओं और बेटियों को सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए तत्काल ठोस और प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
श्रीगंगानगर में 13 वर्षीय नाबालिग के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के विरोध में कांग्रेस अभाव अभियोग प्रकोष्ठ का पैदल मार्च
।राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कांग्रेस अभाव अभियोग प्रकोष्ठ ने आज श्री गंगानगर में 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ 32 आरोपियों द्वारा किए गए जघन्य सामूहिक दुष्कर्म के विरोध में PCC मुख्यालय से BJP कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला।
प्रदेश अध्यक्ष योगीता पंकज शर्मा के नेतृत्व में निकाले गए इस पैदल मार्च में प्रदेश भर से आए अभाव अभियोग प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों के साथ-साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने भी भाग लिया।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री एवं पीसीसी उपाध्यक्ष नसीम अख्तर इंसाफ़, पीसीसी संगठन महासचिव ललित तूनवाल, कांग्रेस सेवादल प्रदेशाध्यक्ष हेम सिंह शेखावत, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता प्रदेशाध्यक्ष विक्रम स्वामी, पीसीसी महासचिव अंजना मेघवाल, पीसीसी समन्वयक पंकज दाधीच सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
1. दोषियों को 90 दिन के अंदर फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से सजाए-मौत दी जाए।
2. पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा और एक सरकारी नौकरी दी जाए।
3. महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े से कड़े कानून बनाए जाएं ताकि प्रदेश की बेटियां सुरक्षित महसूस कर सकें।
अभाव अभियोग प्रकोष्ठ का मानना है कि जब तक महिलाओं को सुरक्षा नहीं मिलेगी, तब तक प्रदेश का विकास अधूरा है। सरकार की नाकामी के कारण आज बेटियां असुरक्षित हैं। कांग्रेस पार्टी पीड़िता के साथ खड़ी है और जब तक न्याय नहीं मिलता, हमारा संघर्ष जारी रहेगा।
