राजेश कुमावत Indireporter.com
गुरु रविदास ने सामाजिक समरसता का संदेश देकर समाज को एक सूत्र में पिरोया :— भजनलाल शर्मा
संत रविदास का प्रसिद्ध संदेश “जाति-पाति पूछे न कोई, हरि को भजे सो हरि का होई” :— लाल सिंह आर्य
संत रविदास ने जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर सभी को समान दृष्टि से देखने और कर्म को सर्वोपरि मानने का संदेश:— मदन राठौड़
संत गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष में उनकी जन्मस्थली से लाए गए पावन रज कलश रथयात्रा को प्रदेश की 25 लोकसभा क्षेत्रों के लिए सीएम, भाजपा पदाधिकारियों और संतों ने किया रवाना
जयपुर। संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष में आयोजित समरसता संकल्प अभियान का प्रदेश स्तरीय शुभारंभ बुधवार को जयपुर में हुआ। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, समरसता संकल्प अभियान के राष्ट्रीय संयोजक एवं एससी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, दिया कुमारी, अभियान के प्रदेश संयोजक भूपेंद्र सैनी सहित संत-महात्माओं और भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने गुरु रविदास की जन्मस्थली से लाए गए पावन रज कलश रथयात्रा राजस्थान की सभी 25 लोकसभा क्षेत्रों के लिए रवाना किये। अभियान के अंतर्गत ये रथ प्रत्येक लोकसभा, विधानसभा, मंडल और गांव-ढाणी तक पहुंचकर सामाजिक समरसता, समानता और संत रविदास के विचारों का संदेश देंगे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भारत की संत परंपरा ने सदैव राष्ट्र और समाज को दिशा देने का कार्य किया है। संत शिरोमणि गुरु रविदास ने समानता, भाईचारे, मानवता और सामाजिक समरसता का संदेश देकर समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संतों और महापुरुषों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान चलाया जा रहा है। इसी उद्देश्य से गुरु रविदास की पावन रज के कलश प्रदेश के 1138 मंडलों और गांवों तक पहुंचेंगे, जहां उनके जीवन और संदेश से समाज को प्रेरित किया जाएगा।
अभियान के राष्ट्रीय संयोजक लाल सिंह आर्य ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष में समरसता संकल्प अभियान का शुभारंभ 29 जुलाई से किया गया है, जो 20 फरवरी तक पांच चरणों में संचालित होगा। अभियान के तहत गुरु रविदास की जन्मस्थली से लाई गई पावन रज के कलश राजस्थान के प्रत्येक जिले, लोकसभा, विधानसभा, मंडल और गांव-ढाणी तक पहुंचेंगे। इस दौरान समरसता संकल्प यात्राएं, संत सम्मान कार्यक्रम, छात्र संवाद और सामाजिक जागरण के विविध आयोजन किए जाएंगे, ताकि संत रविदास के समरसता, समानता और सामाजिक एकता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जा सके।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास ने लगभग 650 वर्ष पूर्व समाज को समरसता, समानता और कर्मप्रधान जीवन का संदेश दिया था। बचपन में विद्यालय में गुरु रविदास के दोहे पढ़ाए जाते थे, जिनसे समाज में सेवा, समर्पण और भक्ति की भावना का संस्कार मिलता था। उन्होंने संत रविदास की वाणी “प्रभु जी चंदन हम पानी, प्रभु जी तुम दीपक हम बाती” का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भक्ति, विनम्रता और ईश्वर के प्रति समर्पण का अद्भुत संदेश है, जो आज भी समाज को प्रेरित करता है।
उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि संत रविदास ने समाज को समानता, प्रेम और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। समरसता का वास्तविक अर्थ दूसरे के सम्मान में अपना सम्मान देखना है तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना ही सुशासन का उद्देश्य है। उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि संत रविदास के आदर्श आज भी समाज को समानता, सद्भाव और आत्मीयता के सूत्र में बांधने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाकर संत रविदास के सिद्धांतों को जनजीवन में उतारने का आह्वान किया। अभियान के प्रदेश संयोजक भूपेंद्र सैनी ने स्वागत उद्बोधन में बताया कि यह अभियान प्रदेशभर में सामाजिक समरसता को मजबूत करने तथा संत रविदास के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में रथ एक दिन प्रवास करेगा और स्थानीय स्तर पर विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगडी, कैलाश मेघवाल, डॉ मिथिलेश गौतम, विधायक अनिता भदेल, प्रदेश मंत्री सीताराम पोसवाल, एससी मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष निहालचंद मेघवाल मंच पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए पदाधिकारी, मंत्री मंडल के सदस्य, समरसता कार्यक्रम के लोकसभा स्तर के प्रभारी, जिलाध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
