दीपक शर्मा , indireporter.com
चोटिला मेला 2026पश्चिमी राजस्थान के सबसे बड़े ऐतिहासिक चोटिला मेले की तैयारियां जोरों पर, 9 से 11 नवंबर तक होगा आयोजन
पाली जिले की रोहट तहसील स्थित ऐतिहासिक गांव चोटिला में हजरत शहीद पीर दुल्लेशाह बाबा के सालाना उर्स एवं मेले की तैयारियां जोरों-शोरों से शुरू हो चुकी हैं। चोटिला दरगाह कमेटी के सदर अमजद अली रंगरेज के नेतृत्व में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी यह मेला पश्चिमी राजस्थान का सबसे बड़ा और विश्वविख्यात आयोजन बनने जा रहा है, जो परंपरागत रूप से तीन दिनों तक चलेगा।
मुख्य कार्यक्रम और तिथियां (9 से 11 नवंबर 2026)मेले के प्रवक्ता जीशान अली रंगरेज ने जानकारी दी है कि इस वर्ष यह भव्य आयोजन 9 नवंबर से 11 नवंबर 2026 तक मनाया जाएगा, जिसमें विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।यातायात और सड़क मार्ग की विशेष व्यवस्थाइस बार श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखते हुए केरला क्रॉसिंग से चोटिला क्रॉसिंग तक के रोड को पूरी तरह व्यवस्थित और सुचारू कर दिया गया है। सड़क के ठीक होने से मेले में आने-जाने वाले वाहनों को भारी राहत मिलेगी और यातायात (ट्रैफिक) की कोई समस्या नहीं होगी, जिससे जायरीन सुगमता से दरगाह पहुंच सकेंगे।लाखों की संख्या में पहुँचते हैं जायरीनमेला संयोजक नूर अली रंगरेज ने बताया कि इस मेले की ख्याति दूर-दूर तक फैली हुई है। इसमें नागौर, जोधपुर, पाली, सिरोही और जालोर समेत कई जिलों से लाखों की तादाद में जायरीन पहुंचते हैं। ।
मेले की अनूठी विशेषता यह है कि श्रद्धालु अलग-अलग जिलों के हिसाब से अपनी कॉलोनियां बनाकर इन तीन दिनों तक वहीं निवास करते हैं।श्रद्धालुओं के लिए व्यापक इंतजाम के लिए विधायक भीमराज भाटी ने रोड़ की पेइचिंग वर्क, पानी की व्यवस्था को सुचारू रूप से करने के लिए एवं प्रशासनिक व्यवस्था के लिए संबंधी विभागों को निर्देश दिए ताकिआने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए दरगाह कमेटी द्वारा पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। मेले में दुकानें, झूले, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, पेयजल, चिकित्सा शिविर, मोबाइल टॉयलेट और सुरक्षा से जुड़ी सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है।मेले की तैयारियों को लेकर मेला संयोजक नूर अली रंगरेज़, केशियर बाली हाजी साहब, तारिक अली चूड़ीगर,पार्षद शाहिद पिन्नु, उमर A B खान चढ़वा, रफीक अब्बासी,जाहिद गौरी, हाजी अनवर सुहाना, अनवर भाई सोजत, आबिद चढ़वा, इत्यादि लोग जुटे हुए हैं
