राजकुमार पारिक, indireportr.com
लखनऊ KGMU में धर्मांतरण और शोषण के आरोपों पर STF की बड़ी रिपोर्ट
लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में कथित धर्मांतरण और महिला डॉक्टरों के उत्पीड़न का मामला अब बड़ा रूप ले चुका है। उत्तर प्रदेश STF ने इस मामले में अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। 2af9STF की जांच UP Youth Association के अध्यक्ष शिवम श्रीवास्तव की शिकायत पर शुरू की गई थी, जिसमें KGMU परिसर में धर्मांतरण और लव जिहाद की गतिविधियों की जांच की मांग की गई थी।
2af9 रिपोर्ट में क्या है
1. STF रिपोर्ट में पैथोलॉजी विभाग को इस कथित गतिविधि का प्रमुख केंद्र बताया गया है।
2. इस मामले में दो FIR दिसंबर 2025 में दर्ज हुई थीं। पहली FIR 23 दिसंबर 2025 को चौक थाने में रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. देवारती मित्रा की शिकायत पर डॉ. रमीज मलिक (रमीजुद्दीन) के खिलाफ और दूसरी 29 दिसंबर को कैसरबाग थाने में नर्सिंग स्टाफ की शिकायत पर डॉ. मोहम्मद आदिल के खिलाफ दर्ज हुई थी।
3. STF रिपोर्ट के अनुसार डॉ. रमीज मलिक को जनवरी 2026 में गिरफ्तार किया गया था और KGMU की आंतरिक विशाखा कमेटी ने भी उन्हें दोषी पाया था।
4. आरोप है कि डॉ. रमीज ने जूनियर महिला डॉक्टर को रिलेशनशिप में फंसाकर मानसिक और शारीरिक शोषण किया और धर्मांतरण कर निकाह करने का दबाव बनाया।
2af9b4d2 ‘इस्लामिक मेडिकोज’ नेटवर्क का जिक्र
STF रिपोर्ट में ‘इस्लामिक मेडिकोज’ नाम के एक नेटवर्क का भी उल्लेख है, जिसमें डॉ. रमीजुद्दीन, डॉ. रिजवान मलिक, डॉ. अदनान अंसारी, डॉ. सम अनीस सहित 2021-22 बैच के कई अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।
रिपोर्ट म में पैथोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सुरेश बाबू और एडिशनल प्रोफेसर डॉ. सुमायरा कयूम पर पीड़ितों की शिकायतों को दबाने और आरोपी का पक्ष लेने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। b4d2शासन ने अब KGMU प्रशासन को रिपोर्ट में चिन्हित सभी डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार विभागीय कार्रवाई कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।
