राजेश कुमावत ,indireporter.com
चर्चित नेता नरेश मीणा की कभी भी हो सकती है गिरफ्तारी
बारां। नाहरगढ़ वन विभाग रेंज कार्यालय में वनकर्मियों से मारपीट और जब्त जनरेटर छुड़ाकर ले जाने के मामले में फरार चल रहे किसान नेता नरेश मीणा की गिरफ्तारी अब कभी भी हो सकती है।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु के निर्देशन में पुलिस की कई टीमें लगातार उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
25 पैसे (चवन्नी) का इनाम घोषित
बारां पुलिस ने फरार नरेश मीणा की गिरफ्तारी पर महज 25 पैसे का सांकेतिक इनाम घोषित किया है। वर्तमान मे 25 पैसे ( चवन्नी ) चलन से बाहर है। पुलिस का कहना है कि यह इनाम उनके अहंकार को तोड़ने और सामाजिक प्रतिष्ठा को चुनौती देने के लिए सांकेतिक रूप से रखा गया है।
अटरू पुलिस उपाधीक्षक रामानंद यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गुंदलाई गांव स्थित एक फार्म हाउस पर छापेमारी की। इस दौरान नरेश मीणा तो मौके से भागने में सफल रहे, लेकिन थार गाड़ी में सवार उनके दो सहयोगियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
शुक्रवार को छबड़ा, छीपाबड़ौद, अटरू, मोठपुर और कवाई थाना पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की, लेकिन नरेश मीणा का पता नहीं चल पाया।
मामला 1 नवंबर का है। आरोप है कि नाहरगढ़ रेंज कार्यालय में नरेश मीणा की मौजूदगी में भीड़ ने वनकर्मियों के साथ मारपीट की, वर्दी के बैज और नेम प्लेट तोड़ दिए और जब्त जनरेटर छुड़ाकर ले गई। इस मामले में पुलिस पहले ही 5 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।नरेश मीणा ने पहले 6 नवंबर को शाम 5 बजे नाहरगढ़ थाने पहुंचकर गिरफ्तारी देने का ऐलान किया था, लेकिन बाद में सोशल मीडिया पर बयान जारी कर उन्होंने पुलिस के सामने सरेंडर करने के बजाय कोर्ट की शरण लेने की बात कही।पुलिस ने आमजन से अपील की है कि नरेश मीणा को शरण न दें और उन्हें आत्मसमर्पण के लिए समझाएं।
