जितेंद्र शर्मा “शुभ विचार” indireporter.com
हिंदुस्तान का अब तक सबसे बड़ा अजमेर सेक्स रैकेट कांड
तक सबसे चर्चित वर्ष 1992 की देश की सबसे बड़ी घटना, "अजमेर सेक्स रैकेट कांड" रही है, में उस वक्त हम राजस्थान विश्वविद्यालय का छात्र वह करते थे, अतः 32 वर्ष पुरानी इस जघन्य घटना का अखबारों का का हर एक अंक पढा करते थे।
इस समय में शायद जिनकी उम्र 45 साल से कम है वे इंसान शायद अनजान ही होंगे
32 साल बाद यह फैसला आया है, 6 अपराधियों को आजीवन कारावास सजा सुनाई है, और अभी तक माननीय न्यायाधीश वाले दो विकल्प हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट बाकी है।
अजमेर मैं पढ़ने वाली लगभग 300 स्कूली व कॉलेज छात्राओं को इसमें सेक्सुअल शिकार बनाया गया था, उनमें से कई तो आत्महत्या कर चुकी है, और कइयों ने बदनामी के दर से में मुंह नही खोला, केवल 4 लड़कियों ने हिम्मत की और आज नानी-दादी की उम्र में कोर्ट तक आती रही और अपराधियों को कथित सजा दिला पाई, जो कि यह “न्याय नही बल्कि अन्याय” है
अजमेर दरगाह के खादिम परिवार एवं जिहादियों जिनमे युवा कोंग्रेस के नेता था दोषी पाए गए है, उस समय राजस्थान युवा कांग्रेस का अध्यक्ष रघु शर्मा था। जिसे लोगों ने बाद में भूलकर अजमेर का सांसद भी बनाया।
खादिम परिवार के बिगड़ैल युवा कोंग्रेस नेता ने अजमेर सोफिया स्कूल की एक लड़की को बहला- फुसला कर रेप किया,उसकी अशलील तस्वीरे फोटो व कैमरा रिकॉर्डिंग कर ली,उंसे ब्लैकमेल कर अन्य लड़कियों को लाने का दबाव बनाकर उनके साथ भी ऐसा ही किया जाने लगा, आगे चलकर यह संख्या लगभग 300 तक पहुंच गई।
अजमेर की फेमस सोफिया स्कूल में साधारण परिवारों की लड़कियां तो पढ़ती नही थी,सब सभ्रांत परिवारों से थी,उनमें से कई के पेरेंट्स IAS, IPS ब्युरेक्रेट्स,बिजनेसमैन थे। मामला हाई प्रो फाइल था
जब स्थानीय अखबार के पत्रकार ने पहली बार इसका खुलासा किया तो उसका शीघ्र ही मर्डर हो गया।
तब राजस्थान में बीजेपी के भैरोंसिंह शेखावत की सरकार थी, सरकार ने तब उन लड़कियों व परिवारों की इज्जत का खयाल कर इस मामले को अंदर ही अंदर इंवेस्टिगेट करवाना शुरू किया ही था, कि इस बहुत बड़े कांड का खुलासा हो ,कोंग्रेस ने बाबरी मस्जिद कांड करवाकर राजस्थान सरकार को बर्खास्त करवा दिया था।
कांग्रेस सरकार में अजमेर सेक्स रैकेट कांड की जांच हुई बहुत से अपराधी ऊंची पहुंच के होने के कारण जांच से बाहर हो गए, एक अपराधी ने आत्महत्या कर ली और चार अपराधीयों की नेचुरल डेथ हो गई, कुछ अपराधियों को संदेह का लाभ देकर पहले ही बरी कर दिया गया, शेष छह अपराधियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है इन अपराधियों के पास भी सजा से बरी होने के अभी दो मौके और हैं।
अजमेर सेक्स स्केंडल कांड पर एक फिल्म तो बन कर रिलीज हो गई है, दूसरी फिल्म अखिल भारतीय स्तर पर निर्माता निर्देशक अभिषेक दूधिया बना रहे हैं।
आगे आप समझ सकते हो,बाबरी मस्जिद प्रकरण के नीचे दबकर यह मामला रह गया और बचे खुचे सबूतों के आधार पर यह फैसला अब आया है जो ऊंट के मुंह मे जीरा है।
