योगेन्द्र शर्मा, indireporter.com
धार्मिक स्थलों की श्रृंखला बनाकर की जा रही है अर्थ सहित हनुमान चालीसा वितरणभावी पीढ़ी को धर्म और संस्कारों से जोड़ने के उद्देश्य से श्री हनुमान चालीसा प्रबंध समिति द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। समिति के संस्थापक संत अमरनाथ महाराज के सानिध्य में चलाए जा रहे “हर घर में हो अर्थ सहित हनुमान चालीसा” अभियान के अंतर्गत अब धार्मिक स्थलों की श्रृंखला बनाकर हनुमान चालीसा का वितरण किया जा रहा है, जिससे समाज के अधिक से अधिक लोगों तक इस अभियान का लाभ पहुँच सके।इसी क्रम में मंगलवार सुबह जयपुर के प्रसिद्ध खोले के हनुमान मन्दिर में श्रद्धा एवं भक्ति के साथ सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और सभी ने एक स्वर में हनुमान चालीसा का पाठ कर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। पाठ के उपरांत अर्थ सहित हनुमान चालीसा की पुस्तकें सैकड़ों भक्तों को भेंट की गईं, जिससे वे पाठ के साथ-साथ उसके गूढ़ अर्थ को भी समझ सकें।कार्यक्रम से पूर्व श्री भन्दे बालाजी महाराज का विशेष सिन्दूर समिति के अध्यक्ष गिरिधारी शर्मा को भेंट किया गया। यह सिन्दूर आस्था और भक्ति का प्रतीक है, जिसे बड़े श्रद्धा भाव से ग्रहण किया गया।इस अवसर पर संत अमरनाथ महाराज ने बताया कि हनुमान चालीसा की इस पुस्तक में चौपाइयों का सचित्र और सरल भाषा में अर्थ दिया गया है, जिससे विशेष रूप से बच्चे न केवल पाठ कर सकें बल्कि उसके भाव को भी भली-भांति समझ सकें। उन्होंने कहा कि जब हनुमान चालीसा को अर्थ सहित पढ़ा जाता है तो व्यक्ति के जीवन में सकारात्मकता, आत्मबल और मानसिक शांति का संचार होता है।महाराज ने यह भी बताया कि प्रतिदिन सौ बार (108)हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करने का विशेष महत्व होता है, और इसे जीवन में अपनाने से व्यक्ति के भीतर अनुशासन, एकाग्रता और आत्मविश्वास का विकास होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं को हनुमान भक्ति से जुड़े रहने और इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।इस दौरान कार्यक्रम में श्री खोले के हनुमान जी के अध्यक्ष गिरधारी ,शर्मा, उपाध्यक्ष बीएम शर्मा, सरदार राजन सिंह, पिंकी मुनीम, अशोक गजरावत, सुनील जैन सहित अन्य श्रद्धालु एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की।
