पत्रकार कॉलोनी विकास समिति के चुनाव में फर्जीवाड़े के आरोप, चुनाव का बहिष्कार
पत्रकार कॉलोनी के मूल निवासियों को चुनाव की भनक तक नहीं लगने दी स्वयंभू नेताओं ने
आय-व्यय का हिसाब मांगा, चुनाव अधिकारी व पूर्व प्रशासनिक अधिकारी के खिलाफ एफआईआर की तैयारी
जयपुर । मानसरोवर पत्रकार कॉलोनी विकास समिति के चुनाव को लेकर विवाद गहरा गया है। समिति के कई सदस्यों और पत्रकारों ने चुनाव प्रक्रिया का विरोध करते हुए चुनाव का बहिष्कार कर दिया। विरोध करने वाले सदस्यों ने आरोप लगाया कि चुनाव पूरी तरह अपारदर्शी और नियमों के विपरीत कराए गए। उनका कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में सदस्यों की आपत्तियों की अनदेखी की गई और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
विरोध कर रहे सदस्यों का आरोप है कि समिति ने पिछले चार वर्षों का आय-व्यय का ब्यौरा आज तक सदस्यों के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया। इसके बावजूद बिना आमसभा की सहमति और वित्तीय लेखा-जोखा सार्वजनिक किए चुनाव कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी गई। सदस्यों का कहना है कि जब तक समिति के वित्तीय रिकॉर्ड और प्रशासनिक कार्यों का पूरा विवरण सदस्यों के सामने नहीं रखा जाता, तब तक चुनाव कराना नियमों और पारदर्शिता की भावना के विपरीत है।
सदस्यों ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान उठाई गई आपत्तियों को नजरअंदाज किया गया और विरोध के बावजूद चुनाव संपन्न घोषित कर दिया गया। उनका कहना है कि कई सदस्यों ने मौके पर ही चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। इसी के विरोध में बड़ी संख्या में पत्रकारों और समिति के सदस्यों ने चुनाव का बहिष्कार किया।
चुनाव निरस्त कर दोबारा मतदान की मांग
विरोध कर रहे सदस्यों ने चुनाव को तत्काल निरस्त कर निष्पक्ष, पारदर्शी और सभी सदस्यों की मौजूदगी में दोबारा चुनाव कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पहले समिति का आय-व्यय का पूरा लेखा-जोखा सार्वजनिक किया जाए, उसके बाद नई मतदाता सूची तैयार कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत चुनाव कराया जाए।
चुनाव अधिकारी के खिलाफ एफआईआर की तैयारी
समिति के असंतुष्ट सदस्यों ने चुनाव अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्णय लिया है। उनका आरोप है कि चुनाव अधिकारी ने नियमों की अनदेखी करते हुए आपत्तियों के बावजूद चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। सदस्यों का कहना है कि इस संबंध में जल्द ही पुलिस में परिवाद देकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व प्रशासनिक अधिकारी भी जांच के दायरे में लाने की मांग
विरोध कर रहे सदस्यों का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया में एक सेवानिवृत्त (वीआरएस प्राप्त) प्रशासनिक अधिकारी ने भी अहम भूमिका निभाई। उनका कहना है कि उक्त अधिकारी की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। इसी को लेकर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को भी शिकायत भेजने की तैयारी की जा रही है। शिकायत में चुनाव प्रक्रिया और संबंधित निर्णयों की जांच की मांग की जाएगी।
समिति के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती और चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच नहीं कराई जाती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
