राजेश कुमावत, indireporter.con
लोकल चुनाव: मतदाताओं का रुझान मौजूदा नेताओं के खिलाफ, सिखाएंगे सबक!
टिकट वितरण में वफादारों को तरजीह, समर्पित कार्यकर्ता दरकिनार – भजनलाल सरकार ने संघ की सिफारिश से किया किनारा
जयपुर। प्रदेश में होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों से पहले जमीन पर मतदाताओं का मूड बदलता नजर आ रहा है। मतदाता मौजूदा नेताओं के खिलाफ लामबंद होते दिख रहे हैं, बीजेपी हो या कांग्रेस मतदाता सबक सिखाने के मूड में हैं।
कांग्रेस हो या बीजेपी, टिकट वितरण में बड़े नेताओं ने पार्टी के प्रति समर्पित और जमीनी कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर अपने निजी वफादारों को तरजीह दी है। इससे निष्ठावान कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है, जिसका सीधा असर वोट में देखने को मिल सकता है।
वहीं एक और बड़ी बात सामने आ रही है कि मुख्यमंत्री भजनलाल सरकार ने टिकट वितरण में संघ की सिफारिशों से किनारा कर लिया है। इससे संघ और भाजपा के समर्पित कैडर में भी असंतोष की चर्चा तेज है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि पार्टी ने समय रहते नाराज कार्यकर्ताओं को नहीं मनाया तो इसका खामियाजा लोकल चुनाव में उठाना पड़ सकता है। मतदाता इस बार चेहरे नहीं, काम देखकर वोट करने की बात कह रहे हैं।
लोकल चुनाव में मतदाता का रुझान वर्तमान नेताओं के खिलाफ। टिकट वितरण में वफादारों को तरजीह, समर्पित कार्यकर्ता दरकिनार। भजनलाल सरकार ने संघ की सिफारिश से किया किनारा।
लोकल चुनाव अपडेट: मतदाता वर्तमान नेताओं को सबक सिखाने के मूड में। टिकट वितरण में नेताओं ने अपने वफादारों को चुना, पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता दरकिनार। भजनलाल सरकार ने संघ की सिफारिशों से किया किनारा, अंदरूनी नाराजगी तेज।
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