शिव वर्मा, जोधपुर
राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय और जांजीबार के अटॉर्नी जनरल चैंबर्स, जांजीबार के बीच हुआ एमओयू
राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, जोधपुर (एनएलयूजे) और जांजीबार के अटॉर्नी जनरल चैंबर्स के बीच एक समझौता (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर डॉ. हरप्रीत कौर ने कहा कि यह समझौता न केवल दोनों देशों के बीच शैक्षणिक प्रयासों को बढ़ावा देगा बल्कि मैत्रीक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ाएगा। यह एमओयू ज्ञान हस्तांतरण और शैक्षणिक अनुसंधान पर केंद्रित होगा। इस समझौता ज्ञापन के माध्यम से क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे जो व्यावहारिक ज्ञान हस्तांतरण और प्रौद्योगिकी का उपयोग करके प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।
यह एमओयू दोनों संस्थानों के फैकल्टी, अटोर्नीस एवं लीगल ऑफिसर्स और शोधकर्ताओं को मध्यस्थता, अनुबंध, वाणिज्यिक, मुकदमेबाजी, वैकल्पिक विवाद समाधान, विधिक प्रारूपण और प्रबंधन, नेतृत्व, योजना और लेखा जैसे अन्य क्षेत्रों, विभिन्न विधि से संबंधित विषयों पर शोध करने का अवसर भी प्रदान करेगा।
अटॉर्नी जनरल चैंबर्स, जांजीबार के उप-अटॉर्नी जनरल श्री शबान आर. अब्दल्ला ने कहा कि इस समझौता ज्ञापन के साथ सामूहिक विकास संभव है। हमारा दृढ़ विश्वास है कि शिक्षण और सीखने के क्षेत्र में क्रांतिकारी विकास लाने में एनएलयूजे की प्रगति और फोकस के साथ, उनके साथी सहयोगी एनएलयूजे में कानूनी विशेषज्ञों और फैकल्टी के समृद्ध अनुभव के साथ अपने ज्ञान का उन्नयन कर सकते हैं। अनुसंधान और प्रशिक्षण के क्षेत्र में तलाशने के लिए ढेर सारे अवसर हैं। जिन्हें दोनों संस्थान भविष्य में मिलकर तलाशेंगे।
राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की बाह्य पहल समिति की कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. नीति माथुर ने हाल ही में एनएलयूजे द्वारा हस्ताक्षरित महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों के बारे में संक्षेप में जानकारी दी। इस कार्यक्रम में एनएलयूजे के फैकल्टी सदस्यों और जांजीबार के अटॉर्नी जनरल कार्यालय के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
