राजेश कुमावत, indireporter.com
साउथ अफ़्रीकी महिलाये बनीं बेयरफुट सोलर इंजिनियर
किशनगढ़ तिलोनिया, अनपढ़ और कम पढ़ी-लिखी ग्रामीण महिलाओं को सोलर प्रशिक्षण के माध्यम से बेयरफुट सोलर इंजिनियर और सोलर ममा की अनूठी पहचान दिलाने वाले बेयरफुट कॉलेज, तिलोनिया में सोलर प्रशिक्षणार्थियों का ग्रेजुएशन समारोह आयोजन हुआ।
महिला, युवा और दिव्यांग विभाग साउथ अफ्रीका, फिक्की और बेयरफुट कॉलेज के संयुक्त तत्वाधान में 22 महिलाओं को सोलर प्रशिक्षण के माध्यम से सशक्तिकरण का लक्ष्य रखने वाली यह पहल सम्पन्न हुई। संस्था द्वारा पढ़ी लिखी और इंजीनियरिंग डिप्लोमा प्राप्त महिलाओं को इस प्रशिक्षण के लिए चुना गया। प्रशिक्षण के दौरान इन महिलाओं को सोलर लालटैन, सोलर होम लाइटिंग सिस्टम, इंस्टाल करना, रिपेयर, मेंटीनेंस करना सिखाया और एडवांस सोलर के अंतर्गत मिनी और माइक्रो ग्रीड के बारे में भी प्रशिक्षण दिया। इन महिलाओं को सोलर के साथ-साथ संस्था द्वारा संचालित गतिविधियों के अन्तर्गत वाटर टेस्टिंग, वेस्ट मैनेजमेंट, रेनवाटर हार्वेस्टिंग, नर्सरी, रीसाइक्लिंग,पपेट्री, सैनेट्री पैड बनाना और सिलाई कढ़ाई का भी प्रशिक्षण दिया गया।
सभी प्रशिक्षार्थियों को सर्टिफिकेट और सोलर लालटैन देकर सम्मानित किया गया। सोलर विभाग समन्वयक कमलेश ने बताया कि संस्था 1979 से सोलर के क्षेत्र में कार्य कर रही है । संस्था द्वारा 96 देशों की 3000 से अधिक महिलाओं को बेयरफ़ुट सोलर इंजीनियर के रूप में प्रशिक्षित किया है। प्रशिक्षण के बाद ये महिलाए अपने देश लौटकर उन क्षेत्रों को रोशन करेंगी जो आज भी रोशनी से वंचित है। संस्था निदेशक सौम्या किदांबी ने बताया कि आगामी समय में सोलर ऊर्जा ऊर्जा का मुख्य स्रोत बनने वाला है । इसके लिए हम सोलर ऊर्जा का किस प्रकार समुचित उपयोग ले सकते है उन विकल्पों को खोजना होगा और लोगों को प्रशिक्षित करके आत्मनिर्भर बनाना है । उन्होंने सभी प्रशिक्षणार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बताया कि आगामी समय में भी साउथ अफ्रीका से एक अन्य बैच भी प्रशिक्षण के लिए आना प्रस्तावित है । संस्था अन्तराष्ट्रीय स्तर पर सोलर अलायंस के साथ मिलकर इस क्षेत्र में आगे भी काम करने के लिए प्रयासरत है।
कार्यक्रम के दौरान संस्था के फाउंडर बंकर रॉय के आलेखो पर आधारित पुस्तक “वॉकिंग बेयरफुट द तिलोनिया वे ” पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
