राजेश कुमावत, indireporter.com
बीसलपुर बांध का छलका, पूजा पाठ के बाद खोले गेट
जलग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश का असर
भंडारण क्षमता 1012.29 मिलियन क्यूबिक मीटर या 35.752 टीएमसी
जयपुर। बीसलपुर बांध भरने की सूचना के बाद राजस्थान के लोगों में खुशी की लहर है, किसानों को खेती के लिए पर्याप्त पानी मिलने की संभावना बढ़ गई है, जयपुर सहित अधिकरण शेरों की 1 साल के लिए पेयजल की व्यवस्था भी हो गई है।
जयपुर, अजमेर, टोंक सहित राजस्थान के कई जिलों के लिए जीवनरेखा माने जाने वाले बीसलपुर बांध का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है जिसके कारण प्रशासन ने शुक्रवार को बीसलपुर बांध के दो गेट खोल दिए।
जल ग्रहण वृद्धि मुख्य रूप से भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ के जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के कारण हुई है, त्रिवेणी संगम, जहां से बांध में जल का प्रवाह होता है, का जलस्तर 4.10 मीटर दर्ज किया गया है। बीसलपुर बांध के दो गेट खोलने के बाद प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारी लगातार जलस्तर पर निगरानी बनाए हुए हैं।
पिछले वर्षों के अनुभवों के आधार पर, जब भी बिसलपुर बांध भरता है तो चेतावनी के लिए सायरन बजाया जाता है बांध के गेट खोलने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। गेट खोलने से पहले जलदाय मंत्री एवं प्रशासनिक अधिकारी बांध की पूजा अर्चना कर गेट खोला ।
बिसलपुर बांध राज्य के सबसे बड़े जलाशयों में से एक है, जिसकी जल संग्रहण क्षमता 1096 मिलियन क्यूबिक मीटर है। इसके गेट पहले भी कई बार खोले जा चुके हैं, गेट खुलने का सातवां मौका है। बांध के जलस्तर पर नजर रखने के लिए आगामी दिनों में रोजाना प्रशासन की ओर से जल निकासी का अपडेट जारी किए जाएंगे।
