राजेश कुमावत, indireporter.com
स्थानांतरण में उपेक्षा ओर भेदभाव से शिक्षकों में भारी आक्रोश : पुष्करणा
राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय सभी जिला मुख्यालयों पर देगा ज्ञापन।
जयपुर।राज्य सरकार ने प्रदेश में लंबे समय से स्थानांतरण की मांग को देखते हुए 01 जनवरी से 10 जनवरी के बीच स्थानांतरण पर लगी रोक हटाते हुए शिक्षा विभाग को छोड़कर अन्य सभी विभागों के कार्मिकों के स्थानांतरण करने का निर्णय लिया है।
राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय ने सरकार की इस भेदभाव पूर्ण नीति को शिक्षकों के प्रति उपेक्षापूर्ण बताया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा ने कहा कि सरकार ने वर्तमान में शिक्षा विभाग को छोड़कर स्थानांतरण करने का निर्णय लिया है जो प्रदेश के लाखों शिक्षकों के प्रति भेदभाव पूर्ण और सरकार का शिक्षा को लेकर उपेक्षित भाव प्रकट होता है। सरकार ने पूर्व में भी सरकार गठन के बाद अन्य सभी विभागों मे स्थानांतरण से प्रतिबंध हटाकर 2 बार स्थानांतरण किये है,तब भी और अभी भी शिक्षा विभाग की उपेक्षा की गई है ।शिक्षा विभाग सबसे बड़ा विभाग होते हुए भी लगातार शिक्षकों की अनदेखी की जा रही है। प्रदेश सरकार के इस निर्णय से संपूर्ण शिक्षा विभाग में सरकार के प्रति भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है।सरकार से अविलंब शिक्षा विभाग में अधिकारीयों से लेकर सभी संवर्गों के स्थानांतरण करने की संगठन मांग करता है।
संगठन के द्वारा 2 जनवरी 2025 को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर स्थानांतरण की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिलाधीश महोदय के माध्यम से ज्ञापन दिया जायेगा।
प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा ने बताया कि लोकसभा चुनाव से पूर्व तथा पश्चात शिक्षा विभाग को छोड़कर अन्य सभी विभागों में स्थानांतरण किए गए परन्तु शिक्षा विभाग में स्थानांतरण नहीं किये , शिक्षा विभाग के साथ भेदभाव किया जा रहा है।
आज प्रदेश में शिक्षण व्यवस्था के नाम पर एक जिले से दूसरे जिले में सैकड़ो की संख्या में प्रतिनियुक्ति की जा रही है जिनका वास्तव में शिक्षण व्यवस्था से कोई लेना-देना नहीं है।इनमें कई शिक्षक तो ऐसे हैं जिनको 30 जून तक शिक्षण व्यवस्था के नाम पर लगा दिया गया जबकि ग्रीष्म अवकाश में कोई शिक्षण कार्य नहीं होता है।विभाग द्वारा लगभग समस्त जिलों में प्रतिनियुक्ति का खेल किया जा रहा है।
सरकार द्वारा शीघ्र शिक्षा विभाग के प्रति अपना रवैया नहीं बदला तो सरकार को शिक्षकों के आक्रोश का सामना करना पड़ सकता है।
सरकार के इस निर्णय को प्रदेश संगठन मंत्री घनश्याम,प्रदेश सभाध्यक्ष संपत सिंह,वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवि आचार्य ,महिला मंत्री डॉ अरुणा शर्मा प्रदेश अतिरिक्त महामंत्री योगेश कुमार शर्मा व प्रदेश कोषाध्यक्ष कैलाश कच्छावा सहित प्रदेश कार्यकारिणी के सभी सदस्यों ने शिक्षकों की अनदेखी करने वाला और शिक्षक विरोधी बताते हुए शीघ्र स्थानांतरण की मांग की है।
