राजेश कुमावत, indireporter.com
पुलिस की मांगों को लेकर विधानसभा के सामने हुआहुआ प्रदर्शन: अधिकारी का महिला के प्रति अभद्र व्यवहार
जयपुर, सोमवार को राजस्थान विधानसभा के सामने निषेध क्षेत्र में पुलिस की 11 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों से संबंधित पोस्टर बैनर लगाने का प्रयास किया तो पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी। इसी दौरान भगीरथ ट्रैफिक फाउंडेशन के पदाधिकारी ने अनोखा तरीका अपनाते हुए अपनी मांगों का बैनर कपड़ों की तरह पहन कर विधानसभा के सामने प्रदर्शन किया। यह दृश्य देखते ही मीडिया के लोग भी वहां पहुंच गए।
मीडिया की उपस्थिति और प्रदर्शनकारियों के अनोखे विरोध से पुलिस के उच्च अधिकारी भड़क गए। अधिकारी ललित शर्मा ने गुस्से में आकर प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करने की धमकी दी। इस पर भगीरथ ने शांतिपूर्वक सवाल किया—
“साहब, मेरा अपराध क्या है? मैं तो बस पुलिस की आवाज उठा रहा हूँ। मैं अकेला व्यक्ति हूँ, मेरे साथ भीड़ नहीं है, केवल मेरी पत्नी है।”
लेकिन भगीरथ के इस सवाल पर भी अधिकारी का गुस्सा शांत नहीं हुआ, बल्कि उन्होंने और कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने न केवल भगीरथ को गिरफ्तार करने की धमकी दी, बल्कि वहाँ वीडियो रिकॉर्ड कर रही महिला (मैं) को भी धमकाना शुरू कर दिया। उन्होंने गुस्से में कहा—
“मैडम, ज्यादा नाटक करने की जरूरत नहीं है, अभी तुम दोनों को बंद करता हूँ।”
हालाँकि, पुलिस अपनी ड्यूटी निभा रही थी, लेकिन एक महिला के साथ इस तरह का अपमानजनक व्यवहार बेहद निंदनीय था। यह स्पष्ट रूप से अधिकारी के पद के दुरुपयोग को दर्शाता है। ललित शर्मा जैसे अधिकारियों के लिए यह बेहद शर्म की बात है कि वे महिला सम्मान का ख्याल नहीं रखते।
मेरा उनके लिए बस एक ही संदेश है—महिलाओं का सम्मान करें।
