दीपक शर्मा, indireporter.com
पुलिस थाना रोहट जिला पाली अन्तर्गत सांवलता खुर्द रपट से रेडियो नदी में बहे तीन ग्रामीणों को जीवित बचाया।
पाली। शनिवार 6 सितम्बर को दोपहर 01ः00 बजे पुलिस कन्ट्रोल रूम जिला पाली से पुलिस थाना रोहट के अन्तर्गत सांवलता खुर्द रपट से बहकर रेडियो नदी में तीन ग्रामीणों के जीवित फंसे होने की सूचना sdrf राजस्थान कन्ट्रोल रूम जयपुर को मिलने पर sdrf कन्ट्रोल रूम द्वारा कमाण्डेन्ट राजेन्द्र सिंह सिसोदिया के निर्देशानुसार मानसून सत्र 2025 में आपदा राहत एवं बचाव के लिए एसडीआरएफ एफ कम्पनी जोधपुर की रिजर्व पुलिस लाईन जिला पाली में तैनात रेस्क्यू टीम एफ-08 के प्रभारी कानि0 भिसनाराम को अविलम्ब घटनास्थल के लिए रवाना होने के निर्देश दिए।
रेस्क्यू टीम प्रभारी 08 जवानों की टीम तथा आपदा राहत उपकरणों के साथ दोहपर 01ः30 बजे घटनास्थल पहुँचे। टीम कमाण्डर ने स्थिति का जायजा लिया तथा एसडीआरएफ कमाण्डेन्ट को बताया कि क्षेत्र में भारी बरसात के कारण रेडियो नदी उफान पर है। पुलिस थाना रोहट जिला पाली के अन्तर्गत रेडियो नदी पर स्थित सांवलता खुर्द रपट पार करते समय ट्रेक्टर-ट्राली सहित तीन ग्रामीण बह गये थे। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तीनों को रस्सा पकडा दिया है। तीनों ग्रामीणों नदी के बीच रपट से 100 से 200 मीटर की दूरी पर फंसे हुए है। रपट पर करीब 02 फीट पानी चल रहा है और वेग बहुत ज्यादा है। रेस्क्यू रोप से ही आॅपरेशन को अंजाम दिया जायेगा। एसडीआरएफ राजस्थान कमाण्डेन्ट ने टीम कमाण्डर को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।
टीम कमाण्डर के निर्देश पर रेस्क्यू टीम के जवानों सुशील बिश्नोई, विनोद कुमार, वालाराम, रामकिशोर, घमूराम, मनेन्दर सिंह तथा श्याम लाल ने सर्च आपरेशन शुरू किया। तीनों ग्रामीणों को नदी के बीच जीवित देख कर टीम कमाण्डर ने बिना समय गंवाये अविलम्ब रेस्क्यू रोप, लाईफ बाॅय, लाईफ जैकेट से रेस्क्यू आॅपरेशन शुरू करने के निर्देश दिये। रेस्क्यू टीम का जवान घमूराम कानि0 445 रेस्क्यू रोप और लाईफ बाॅय की सहायता से नदी के बीच फंसे ग्रामीणों के पास पहुँचा और टीम ने रोप को पकडे रखा। एक के बाद एक तीनों ग्रामीणों को रेस्क्यू टीम ने जीवित बचा लिया। जीवित बचाये गये ग्रामीणों के नाम निम्नानुसार हैः- 1. जगदीश पुत्र भींयाराम उम्र 38 वर्ष निवासी बासनी, 2. श्री मनीष पुत्र भेंपाराम उम्र 28 वर्ष, 3. कंवर लाल पुत्र गोकुल राम उम्र 32 वर्ष दोनों निवासी गुढा बिश्नोईयान जोधपुर।
